कहा कि ट्यूलिप गार्डन विज्ञान-आधारित पुष्पकृषि का एक उदाहरण है, जिसमें अनुसंधान, तकनीक, किसान सहभागिता और जनसंपर्क का परस्पर मेल है। संस्थान के ट्यूलिप गार्डन खुलने के बाद यहां राज्य के भीतर और बाहर से बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने की उम्मीद है, जिससे वैज्ञानिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पिछले साल एक लाख से अधिक पर्यटक इस ट्यूलिप गार्डन को देखने आए थे। इसके अतिरिक्त सीएसआईआर ने नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) को 22 हजार ट्यूलिप बल्ब उपलब्ध करवाए हैं, जो संस्थागत सहयोग और गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री की बढ़ती मांग को दर्शाता है, जबकि इस साल अभी संस्थान ने हिमाचल प्रदेश वन विभाग को तीन हजार ट्यूलिप बल्ब दिए हैं। इससे पालमपुर स्थित सौरभ वन विहार में एक बगीचा विकसित किया जा सकेगा।