मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह में कहा कि मेरी कुर्सी भाजपा नहीं छीन सकती। जनता ने मुझे चुनकर भेजा है, वही मुझे कुर्सी से हटा सकती है। प्रदेश की जनता भाजपा के हथकंडों को भली प्रकार से जान गई है। प्रदेश सरकार अपना कार्यकाल जनता के आशीर्वाद से पूरा करेगी।
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सीएम ने यह बात भाजपा के वीरभद्र हटाओ प्रदेश बचाओ अभियान के सवाल पर कही। शायराना अंदाज में सीएम ने कहा कि मुदई लाख बुरा चाहे तो क्या होता है, वही होता है जो मंजूरे खुदा होता है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह में अनौपचारिक रूप से मीडिया से मुखातिब हुए।
इस दौरान उन्होंने आईजीएमसी का डाक टिकट भी जारी किया। कहा कि चंबा या नाहन मेडिकल कॉलेज में से एक को इस साल में शुरू कर दिया जाएगा। आईजीएमसी के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्यमंत्री ने कॉलेज के प्रिंसिपल, स्टाफ और प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएं दीं।
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बोले, स्थापना के 50 वर्ष पूरे करना सम्मान की बात
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी संस्थान के लिए अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे करना सम्मान की बात होती है। इस संस्थान ने लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दी हैं। लोगों की सुविधा के लिए चम्याणा में आईजीएमसी का दूसरा परिसर बनाया जाएगा। सरकार 1478 करोड़ भी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए देगी।
ऑकलैंड में सुरंग के पास बहुमंजिला ओपीडी ब्लॉक का निर्माण भी किया जा रहा है और एक सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के निर्माण के अलावा केएनएच में नये ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा।। अस्पताल में कंप्यूट्राइज्ड टोमोग्राफी और एमआरआई के अलावा आधुनिक कैथ लैब, डिजिटल रेडियोग्राफी, मेमोग्राफी जैसी सुविधाएं लोगों को उपलब्ध करवाई गई हैं।
इसके अतिरिक्त अस्पताल को अखिल भारतीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान, एसजीपीजीआई लखनऊ, पीजीआई और एमईआर चंडीगढ़ के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग सुविधा से जोड़ा गया है। इस मौके पर कॉलेज के प्रिंसिपल एसएस कौशल, विवि के कुलपति एडीएन वाजपेयी, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश चंद, डेंटल प्रिंसिपल प्रोफेसर आरपी लुथरा सहित कई चिकित्सक और अधिकारी मौजूद रहे।
प्रदेश में ट्रांसफर माफिया का राज, रेट तक तय: धूमल
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा है कि प्रदेश सरकार अपना विश्वास खो चुकी है। सरकार को न तो स्वयं पर विश्वास रहा और न ही जनता पर। मुख्यमंत्री को अपने मंत्रियों और विधायकों पर भी भरोसा नहीं रहा। यहां तक कि खुफिया तंत्र पर भी विश्वास नहीं है। मुख्यमंत्री के कार्यालयों की चेकिंग की जा रही है तो अफसरों को बदलने की बातें कही जा रही हैं। धूमल नयनादेवी में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने दावा किया कि हिमाचल के विधानसभा चुनाव भी 2017 की बजाय 2016 में ही होंगे। राज्य में ट्रांसफर माफिया सक्रिय है। एक साथ आठ-आठ ट्रांसफर हो रही हैं। वह एक जगह ज्वाइन नहीं कर पाते कि अगली जगह के ऑर्डर आ जाते हैं। कई जगह तो ट्रांसफर के रेट तक तय हो गए हैं। विश्वास खोने के कारण ही प्रदेश सरकार ने पंचायत चुनाव पार्टी चिन्ह पर न लड़ने का फैसला लिया है।
'नयनादेवी मंदिर में गिलट मामले की हो निष्पक्ष जांच'
दावा किया कि आने वाले चुनाव में भाजपा अपना परचम फहराएगी। कहा कि स्कूलों में मुफ्त वर्दी के लिए कैबिनेट का फैसला अब लिया गया है। वर्ष 2012 में ही यह फैसला लिया गया था। उस दौरान सौ-सौ रुपये सिलाई के भी दिए गए। लेकिन, भ्रष्टाचार के कारण इस सरकार के कार्यकाल में टेंडर ही नहीं हो पाया। नयनादेवी-आनंदपुर रोपवे को भी सरकार ने राजनीतिक कारणों से रद्द कर दिया। इस दौरान प्रदेश महामंत्री रणधीर शर्मा, आशुतोष शर्मा, मंडलाध्यक्ष कैप्टन चौधरी राम, पुजारी राजेश कुमार, तारा माधव, नारायण दत्त, सीता राम भी उपस्थित थे।
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने नयनादेवी मंदिर में गिलट के साथ सोना-चांदी मिलने के मामले पर हैरानी जताई। कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। मंदिर में चढ़ने वाले 10, 20, 50, 100, 500, 1000 के फटे पुराने नोटों को अलग-अलग रखकर नीलामी की जाती थी। लेकिन, अब इन सारे नोटों को एक साथ नीलाम किया जा रहा है। मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुविधा की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।