सचिवालय कर्मचारियों के दो वर्गों की लड़ाई मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच गई है। निजी सचिवों और निजी सहायकों ने सीएम से मिलने का समय मांगा है। इसके बाद ये कर्मचारी अपनी बात मुख्यमंत्री के समक्ष भी उठाएंगे। मंत्रियों के कार्यालय में अनुभाग अधिकारियों की तैनाती करने की तैयारी चल रही है। इसी से निजी सहायक और निजी सचिव नाराज चल रहे हैं।
प्रत्येक मंत्री के कार्यालय में एक-एक अनुभाग अधिकारी को तैनात करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए 11 मंत्रियों के कार्यालय में 11 अनुभाग अधिकारियों की नियुक्ति करने के मामले पर सरकारी स्तर पर विचार चल रहा है। संभव है कि पांच अगस्त को प्रस्तावित हिमाचल कैबिनेट की बैठक में भी इस मसले पर चर्चा हो।
एक ओर जहां अनुभाग अधिकारी अपनी मंत्रियों के साथ तैनाती की पुरजोर पैरवी कर रहे हैं, वहीं मंत्रियों के साथ तैनात निजी सचिव और निजी सहायक इसका भरसक विरोध कर रहे हैं। निजी सचिव एवं निजी सहायक संघ राज्य सचिवालय शिमला के अध्यक्ष राजेश भारद्वाज ने कहा कि इस वर्ग के कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए वे प्रशासन से सहयोग चाहते हैं।
इसके लिए वे संघर्षरत हैं। उन्होंने कहा कि जल्दी ही एक प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मिलेगा। अनुभाग अधिकारियों से उनकी कोई लड़ाई नहीं है, मगर वे उनके काडर की कार्यप्रणाली में बाधा पैदा न करें।