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सीएम वीरभद्र के वार पर धूमल का करारा पलटवार

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पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर पलटवार किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री और विजिलेंस ब्यूरो के आरोपों को बेबुनियाद करार दिया। कहा कि मुख्यमंत्री और अन्य कांग्रेस नेता जो बार-बार मेरे डरने की बात कह रहे हैं, उन्हें स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि डर उन्हें लगता है जो महलों में रहकर अपनी सत्ता को बचाने के लिए विरोधियों के खिलाफ साजिश रचते हैं।
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किसान और फौजी के बेटे को कभी डर नहीं लगता। मुख्यमंत्री की ओर से फोन टेप और उनके पीछे सीआईडी लगाए जाने के जवाब में धूमल ने वीरभद्र सिंह को चुनौती दी कि अगर सरकार में हिम्मत है तो टेप का रिकॉर्ड जनता के सामने लाए। इससे जनता भी सच जान सके।

सीएम पर दागे बड़े सवाल

धूमल ने कहा कि सरकार यह भूल गई है कि फोन केवल उन्हीं के टेप होते हैं, जो गैर कानूनी कार्यों में संलिप्त हों। छह बार के मुख्यमंत्री को इस तरह के आरोप लगाना शोभा नहीं देता। अगर सच में भाजपा सरकार ने वीरभद्र सिंह के पीछे सीआईडी लगाई होती तो समय रहते यह पता चल जाता कि उनके हजारों टन सेब कैसे स्कूटरों और ऑयल टैंकरों में रामपुर से परवाणू पहुंच गए।

बार-बार उनकी भूमि की पैमाइश के मुख्यमंत्री के आरोपों का जवाब देते हुए धूमल ने कहा कि अगर वास्तविकता में ही उनकी भूमि की पैमाइश करवाई गई होती तो अब तक काफी भूमि सरकार के खाते में आ चुकी होती।

कहा कि भाजपा सरकार को तो यह भी मालूम नहीं था कि आपने अपने मुख्यमंत्री रहते हुए अपनी माता शांति देवी के देहावसान के बाद उनकी भूमि जो कानूनन सरकार को मिलनी थी, गैर-कानूनी ढंग से अपने नाम करवा ली थी।
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भाजयुमो ने भी बोला हमला

वहीं, भाजयुमो ने सरकार पर युवाओं की अनदेखी का आरोप लगाया है। प्रवक्ता करण नंदा ने बताया कि प्रदेश सरकार धूमल और उनके परिवार पर केस कर उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रही है। परिवार पर एक के बाद एक जांच, विजिलेंस और सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है।

कांग्रेस सरकार विकास की राजनीति नहीं, बल्कि धूमल और उनके परिवारों को केस में उलझाने की नाकाम कोशिश कर रही है। करण नंदा ने बताया कि कांग्रेस सरकार को सत्ता में रहते हुए दो साल से अधिक समय हो गया है, लेकिन आज तक सरकार ने युवाओं के लिए कुछ नहीं किया है।

बेरोजगारी के नाम पर युवाओं की अनदेखी की है, आज नौजवान युवा अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। प्रदेश में वरिष्ठ नागरिक एक बड़ा वर्ग है। दो साल में इन बुजुर्गों के लिए सरकार ने कुछ नहीं किया। प्रदेश का कर्मचारी वर्ग सरकार से परेशान है। प्रदेश में अवैध खनन जारी है।
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