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कोरोना वायरस के बीच स्वास्थ्य विभाग भूला टीबी के मरीज

Tue, 07 Apr 2020 05:00 AM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला
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टीबी - फोटो : सोशल मीडिया
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कोरोना वायरस के चलते लगे कर्फ्यू में बिगड़ी हुई टीबी (एमडीआर स्टेज) मरीजों की कोई सुध नहीं ले रहा है। स्वास्थ्य विभाग सिर्फ कोरोना वायरस से निपटने में व्यस्त है। वहीं, ऐसी स्थिति में पिछले लगभग 15 दिन से एमडीआर स्टेज के टीबी मरीजों की सैंपलिंग का काम लगभग पूरी तरह बंद हैं।

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सैंपल को पूरे प्रदेश से सोलन की धर्मपुर कल्चर लैब ले जाने वाली कुरियर सेवा भी ठप है। इससे एमडीआर के अलावा अन्य स्टेज के मरीजों की सैंपलिंग भी नहीं हो रही है। सूबे में इस साल टीबी रोग के 17434 मामले आए हैं, जिसमें से 581 एमडीआर स्टेज के हैं।

इसमें कांगड़ा जिले में सबसे ज्यादा 115 मरीज एमडीआर स्टेज के हैं।  कोरोना वायरस के चलते स्वास्थ्य विभाग के सभी चिकित्सक और फील्ड का स्टाफ टीबी मरीजों को समय नहीं दे पा रहा है। ऐसे में टीबी मरीजों के उपचार में दिक्कतें आ रही हैं। अधिकतर अस्पतालों में सिर्फ आपातकाल सेवाएं उपलब्ध हैं।
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टीबी मरीजों की सैंपलिंग पूरी तरह प्रभावित हो रही है। अगर कर्फ्यू या लॉकडाउन का समय 14 अप्रैल के बाद आगे बढ़ता है, तो ऐसी स्थिति में टीबी रोगियों को और परेशानी झेलनी पड़ सकती है। उधर, क्षय रोग कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आरके सूद ने कहा कि टीबी मरीजों के सैंपल धर्मपुर भेजने के लिए स्वास्थ्य विभाग वाहन की व्यवस्था कर रहा है।

इसी सप्ताह से टीबी मरीजों की सैंपलिंग का काम शुरू हो जाएगा। इसके अलावा जिस क्षेत्र के टीबी मरीज हैं, वहां के फील्ड स्टाफ को मरीजों से संपर्क बनाए रखने के हिदायत दी गई है।

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