ट्रक ऑपरेटरों की देशव्यापी हड़ताल का समर्थन न करने के बावजूद प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक जिला सोलन में भी हड़ताल के गंभीर परिणाम सामने आने लगे हैं। यूनियनों ने प्रदेश के बाहर माल पहुंचाने की डिमांड यानी बुकिंग लेना बंद कर दी है। तर्क दिया जा रहा है कि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली समेत देश भर में भेजे जाने वाले ट्रकों को हिमाचल के बाहर जाते ही रोक दिया जा रहा है। एक अनुमान के मुताबिक जिला सोलन से करीब पांच हजार ट्रक दूसरे प्रदेशों में फंसे हैं।
नतीजतन वितरण के लिए तैयार उत्पाद उद्योगों में डंप पडे़ हैं। वहीं, उद्योगों में कच्चा माल भी नहीं आ पा रहा है। इस कारण रोजाना दो करोड़ तक का नुकसान हो रहा है। जिला के मुख्य औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन, परवाणू, दाड़लाघाट और सोलन से प्रतिदिन करीब चार हजार ट्रक बाहरी राज्यों को जाते हैं। ऐसे में सेब सीजन पर भी भारी असर पड़ सकता है।
250 ट्रक इंटर स्टेट कर रहे काम
दाड़लाघाट को छोड़ जिला सोलन से वर्तमान में 250 ट्रक यूनियनों में लगे हैं। ये ट्रक सिर्फ हिमाचल के लिए माल लेकर आ रहे हैं। नालागढ़ से ऊपरी हिमाचल गए ट्रक वापसी में सेब लोड कर लाते हैं, लेकिन हड़ताल के चलते ट्रक रास्ते में ही खड़े हैं, जबकि दाड़लाघाट में हिमाचल के भीतर सीमेंट की सप्लाई करने वाले ट्रक मालिकों को थोड़ी राहत है। क्योंकि अधिकांश ट्रक यहीं से हिमाचल के अन्य प्लांटों में कलिंकर की सप्लाई करते हैं।
परवाणू ट्रक ऑपरेटर यूनियन के प्रधान हरदीप बद्दी के मुताबिक बाहरी राज्यों की डिमांड बंद है। ट्रक संचालक कृष्ण कौशल ने बताया कि उनके ट्रक हमीरपुर, शिमला के ठियोग, पंजाब और हरियाणा में फंस गए हैं। ट्रक संचालक हरनेक ठाकुर, पृथ्वी राज कौशल, दीपू पंडित ने बताया कि वे अपने ट्रक मात्र हिमाचल और लोकल ही भेज रहे हैं। राज्य से बाहर जाते ही ट्रकों को रोका जा रहा है। इस कारण आर्थिक हालत पतली होती जा रही है। अगर ऐसा ही रहा तो बैंक की किश्तें कैसे देंगे?
70 फीसदी उद्योग प्रभावित
बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेश अग्रवाल ने कहा कि ट्रक यूनियन गाड़ियां तो भेज रही है, लेकिन बाहरी राज्यों में उन्हें रोका जा रहा है। जिससे उनका तैयार माल समय पर बाजार में नहीं पहुंच रहा है। माल न बिकने पर 70 फीसदी उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, कच्चा माल न आने से आने वाले दिनों बहुत बड़ी समस्या उद्योगों के समक्ष खड़ी हो सकती है। छोटे उद्योग बड़े उद्योगों के लिए सामान बनाते हैं, लेकिन अब बड़े उद्योग इनसे सामान नहीं ले रहे हैं, जिससे छोटे उद्योग बंद हो गए हैं।
प्रदेश में सबसे बड़ी ट्रक यूनियनों में शुमार नालागढ़ ट्रक ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष विद्या रतन ने कहा कि शुक्रवार को कुछ ट्रक यहां से रवाना हुए थे, लेकिन शनिवार को कोई भी ट्रक बाहरी राज्य के लिए रवाना नहीं हुआ है। हर रोज 2500 से अधिक ट्रक बाहरी राज्यों के लिए सामान लेकर जाते हैं। उन्होंने उद्यमियों से अपील की है कि वे बाहर से ट्रक न मंगाए। सभी ट्रक बाहर रोके जा रहे हैं। उन्होंने ट्रक संचालकों से भी अपने रिस्क पर बाहर ट्रक भेजने की बात कही है।