हिमाचल प्रदेश में इस साल अमेरिका से आयात किए सेब के पौधे लहलहाएंगे। बागवानी विभाग ने जिला मंडी के करीब 30 क्लस्टरों समेत प्रदेश के सैकड़ों बागवानों के लिए विदेशी सेब की पौध देने की तैयारी कर ली है। विभाग बागवानों को 355 रुपये प्रति सेब पौधा देगा। अमेरिका से सरकार ने रूट स्टॉक पर पिछले साल सेब के पौधों की खरीद की थी।
पूरे साल बागवानी विभाग ने इन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा था। यह ट्रायल सफल रहा है। इन पौधों के तरोताजा और स्वस्थ रहने के बाद इस साल बागवानी विभाग मंडी ने क्लस्टरों से जुड़े बागवानों के लिए विदेशी सेब की प्रजाति विक्रय करने की तैयारी कर ली है। सेब के साथ मंडी जिले के क्लस्टरों के लिए नाशपाती और चेरी भी उपलब्ध है।
यह है अमेरिकन सेब की प्रजाति
डार्क बरोंन गाला, जेरोमाइन, किंग रॉट, स्कॉरलेट स्पर, केंडलर, होवार्ड, बकाई गाला, गाला सिंगा, गलावल
रेड वेलॉक्स, केलन स्पर, सेक्लेक्ट स्पर, सुपर सेफ, अर्ली फउजी, ब्रेबर्न, रेडलम गाला, सन फउजी, रेड फउजी गाला वीनस फेंगल, गेल गाला और रेड कैप वाल्टेड।
इन ब्लॉकों में क्लस्टर से जुड़े बागवानों को मिलेगा लाभ
बजौरा, पालमपुर, बगथांन, दत्तनगर, अणु, पता महलोग, खडराला में यह सेब की पौध मिलेगी। उद्यान उपनिदेशक मंडी अशोक धीमान ने बताया कि इस बार बागवानी विभाग क्लस्टर से जुड़े बागवानों को अमेरिका से आयात सेब के पौधे वितरित करेगा। इस सेब से बागवानों की आर्थिकी मजबूत होगी।