आंधी और तूफान से नाचन की छह पंचायतों में बिजली प्रभावित रही। बोर्ड के जयदेवी अनुभाग में किलिंग, सिहरणु, छम्यार और आसपास की पंचायतों की करीब 12 हजार आबादी प्रभावित हुई। पेयजल योजनाएं भी ठप रहीं। सराज, नाचन में आंधी-तूफान से सेब की पैदावार को काफी नुकसान हुआ है।
फल झड़ने से बागवानों को नुकसान की सूचना है। बिजली बोर्ड सुंदरनगर के एक्सईएन विकास शर्मा ने बताया कि आंधी-तूफान से बिजली के तार टूटे हैं, इससे आपूर्ति बाधित रही। उद्यान विकास अधिकारी चिंत रामकुमार का कहना है कि नुकसान का आकलन किया जाएगा।
जोगिंद्रनगर-लडभड़ोल में गिरे पेड़
क्षेत्र में तूफान से कई जगह पेड़ गिरने की सूचना है। कई घरों की छतों को भी नुकसान हुआ है। लडभड़ोल क्षेत्र में पेड़ गिरने से विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। एसडीएम जोगिंद्रनगर अमित मेहरा ने बताया कि पटवारी एवं कानूनगो को नुकसान का आकलन करने के आदेश दिए हैं। तूफान से किसी के हताहत होने की सूचना नहीं।
कांगड़ा के पालमपुर व बैजनाथ क्षेत्र में तेज हवाओं से दुकानों के ऊपर लगाए होर्डिंग आदि उड़ गए।धर्मपुर में तूफान और आंधी से करीब पांच घंटे बिजली गुल रही। सुबह करीब पांच बजे से दस बजे तक आपूर्ति बाधित रही।
करीब 60 ट्रांसफार्मर बंद होने से बिजली आपूर्ति अधिकांश क्षेत्रों की बाधित रही। दिन के समय भी अघोषित कटों का लोगों का सामना करना पड़ा। उधर, बिजली प्रभावित होने से पेयजल योजनाएं प्रभावित हो गईं।
आठ हजार से अधिक आबादी को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। एक्सईएन विवेक भाटिया का कहना है कि आंधी-तूफान से नुकसान हुआ है। दूसरी तरफ तूफान से फलों की पैदावार को भी क्षति पहुंची है।