हिमाचल में स्क्रब टायफस का उपचार निशुल्क होगा। प्रदेश में फैल रही इस बीमारी से निपटने की तैयारी व नियंत्रण को लेकर बुधवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) आरडी धीमान की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक बुलाई।
प्रदेश में जनवरी, 2019 से अब तक स्क्रब टायफस के 220 मामले दर्ज किए गए हैं। बिलासपुर में सर्वाधिक 89 मामले दर्ज हुई हैं जबकि 43 कांगड़ा, 42 हमीरपुर, 20 मंडी, आठ शिमला, आठ सोलन, छह चंबा, एक कुल्लू, एक किन्नौर और एक मामला सिरमौर में दर्ज है।
आरडी धीमान ने कहा कि पिछले चार सालों में स्क्रब टायफस के मामलों में वृद्धि हुई हैं। लेकिन समय पर जानकारी और इलाज के चलते कम लोगों की मृत्यु हुई है। स्क्रब टायफस फैलाने वाला पिस्सू शरीर के खूले भागों को ही काटता है।
उन्होंने कहा कि घरों के आसपास खरपतवार आदि न उगने दें व शरीर की सफाई का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि 104 से 105 डिग्री का तेज बुखार, सिर व जोड़ों में दर्द व कंपकंपी, शरीर में ऐंठन, अकड़न या शरीर टूटा हुआ लगना आदि स्क्रब टायफस के लक्षण हैं।
आरडी धीमान ने कहा कि स्क्रब टायफस बीमारी की जांच व इलाज की सुविधा सरकारी अस्पतालों में निशुल्क उपलब्ध है और सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में इसके इलाज के लिए दवाइयों भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।