मुख्यमंत्री ने कहा कि नई हेलीकॉप्टर सेवा से पर्यटन, व्यापार और निवेश गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। लोगों को सड़क मार्ग पर लगने वाले लंबे समय से राहत मिलेगी और आपात परिस्थितियों में भी यह सेवा उपयोगी साबित होगी। कार्यक्रम में शिमला से नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी, महापौर सुरेंद्र चौहान और पर्यटन निदेशक विवेक भाटिया जुड़े रहे। मंडी से पूर्व सीपीएस सोहन लाल, राज्य जल प्रबंधन बोर्ड की उपाध्यक्ष शशि शर्मा, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चंपा ठाकुर, कांग्रेस नेता पवन ठाकुर, उपायुक्त अपूर्व देवगन और पुलिस अधीक्षक वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रत्येक जिला मुख्यालय के साथ-साथ प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी हेलीपोर्ट बनाए जा रहे हैं। हमीरपुर के जसकोट, कांगड़ा के रक्कड़ और पालमपुर तथा चंबा के हेलीपोर्ट का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। ऊना में हेलीपोर्ट निर्माण के लिए राज्य सरकार ने धनराशि का प्रावधान किया है। नाहन और सोलन में भी हेलीपोर्ट बनाने पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा लाहौल-स्पीति के रंगरीक में सेना के सहयोग से एक हेलीपोर्ट का निर्माण भी किया जा रहा है। हेलिकॉप्टर में छह यात्रियों के बैठने की क्षमता है।
केंद्र सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस-उड़ान) के तहत मंडी-चंडीगढ़ हेलिकॉप्टर सेवा संचालित होगी। कुल्लू-मंडी-चंडीगढ़ सेक्टर का संचालन गैर-आरसीएस (बाजार आधारित) मॉडल के तहत हेरिटेज एविएशन प्राइवेट लिमिटेड करेगी। कुल्लू से हेलिकॉप्टर सुबह 9:00 बजे उड़ान भरकर 9:10 बजे मंडी पहुंचेगा। इसके बाद 9:15 बजे मंडी से रवाना होकर 9:45 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगा। वापसी में हेलिकॉप्टर सुबह 10:00 बजे चंडीगढ़ से उड़ान भरकर 10:30 बजे मंडी पहुंचेगा और 10:35 बजे मंडी से रवाना होकर 10:45 बजे कुल्लू पहुंचेगा। सभी उड़ानें कांगनीधार हेलीपोर्ट से संचालित होंगी। ।