प्रदेश के परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर को स्कूल बस हादसे में घायल बच्चों के कुशलक्षेम जानने के लिए सचिवालय से आईजीएमसी पहुंचने में करीब 13 घंटे लग गए। सोमवार सुबह यह हादसा करीब 7:30 बजे हुआ। मंत्री ने करीब नौ बजे इस दुखद समाचार की सूचना फेसबुक अकाउंट पर दी।
फेसबुक पर ही उन्होंने मृतकों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना भी कर दी। लेकिन बावजूद इसके मंत्री महोदय घटना स्थल पर जाने की जगह दिन भर सचिवालय में बैठे रहे।
सोशल मीडिया पर जब मंत्री महोदय के सचिवालय में होने की खबर ट्रोल हुई तो शुभ चिंतकों ने उनकी नींद तोड़ी और उन्हें आईजीएमसी जाकर घायलों का हाल पूछने की सलाह दी।
मंत्री महोदय रात करीब आठ बजे आईजीएमसी पहुंचे और 8:15 पर घायल स्कूली बच्चों के साथ फोटो सेशन कर इसकी तस्वीरें अपनी फेसबुक वॉल पर शेयर कर दी। मंत्री महोदय ने दिनभर न तो घटना स्थल पर जाने की जहमत उठाई और न ही अस्पताल जाना जरूरी समझा।
जबकि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज हादसे के तुरंत बाद अस्पताल पहुंच गए थे। बता दें यह वही मंत्री महोदय हैं, जिन्होंने बंजार बस हादसे की जांच रिपोर्ट आने से पहले ही निजी बस संचालक को क्लीन चिट दे दी थी। इस बस हादसे में 46 लोगों की मौत हो गई थी।
गोविंद ठाकुर ने कहा कि सचिवालय में दो-तीन बैठकें थीं। इसके चलते वह मौके पर नहीं जा पाए। उन्होंने कहा कि बंजार हादसे को लेकर भी अफसरों को बुलाया गया था। इस रूट पर दो बसें चलती थीं, वह नहीं चल रही थीं। इसमें आरटीओ को शोकॉज नोटिस दिया गया है।