सड़क हादसे के घायलों को अब अस्पताल के बजाय घटना स्थल पर भी इलाज मिल सकेगा। इसके लिए नेशनल हाईवे पर जल्द ही ऑन द स्पॉट एंबुलेंस दौड़ाई जाएंगी। ये एंबुलेंस आधुनिक स्वास्थ्य उपकरणों से लैस होंगी। जरूरत पड़ने पर ही घायलों को इस एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया जाएगा।
पहले एनएच, उसके बाद सभी जिलों में करीब एक हजार एंबुलेंस चलाई जाएंगी। एनएच किनारे चल रहे निजी अस्पतालों में ट्रामा सेंटर खोले जाएंगे। इन सेंटरों को सरकार सब्सिडी पर उपकरण देगी। विशाखापटनम में केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में शामिल होने के बाद यह जानकारी सोमवार को परिवहन मंत्री जीएस बाली ने दी।
बाली ने मीडिया से बातचीत में बताया कि केंद्रीय मंत्री ने पहाड़ी राज्यों के लिए विशेष पैकेज देने की बात कही है। प्रदेश के हर जिले में स्किल डेवलपमेंट के तहत दो-दो स्कूल खोले जाएंगे। स्कूलों के लिए एक करोड़ रुपये सब्सिडी भी दी जाएगी। बाली ने कहा कि रोड सेफ्टी को लेकर पहाड़ी राज्यों की दिल्ली व असम में दो विशेष बैठकें होंगी।
ज्यादातर सड़क दुर्घटनाओं का कारण नशा है। इसे रोकने के लिए प्रदेश भर में नशे के खिलाफ परिवहन विभाग विशेष अभियान शुरू करेगा। फर्जी लाइसेंस पर रोक के लिए अब पूरी प्रक्रिया को कंप्यूटरीकृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देशभर में 30 फीसदी लाइसेंस फर्जी पाए गए हैं।
पंजाब के साथ इंटर स्टेट एग्रीमेंट
बाली ने बताया कि प्रदेश सरकार ने बाहरी राज्य में वोल्वो सहित अन्य बसों के नए रूट शुरू करने के लिए पंजाब के साथ नया इंटर स्टेट एग्रीमेंट किया है। इसके तहत पंजाब के साथ 4 हजार किलोमीटर की अतिरिक्त सर्विस चलाने पर सहमति बनी है। एचआरटीसी बाहरी राज्यों में जल्द ही विभिन्न पर्यटन स्थलों से नई वोल्वो के रूट शुरू करने जा रहा है। हरियाणा के साथ भी एग्रीमेंट की प्रक्रिया जारी है।
सड़क किनारे लगाए जाएंगे क्रैश बैरियर
हिमाचल में तीन सौ के करीब ब्लैक स्पॉट हैं, जिन्हें दुरुस्त करने के लिए सड़क किनारे क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे। सेंट्रल रोड सेफ्टी फंड (सीआरएसएफ) के तहत इसके लिए बजट की 10 फीसदी राशि मिलेगी। बाली ने कहा कि इसको लेकर अतिरिक्त मुख्य सचिव (लोनिवि) से बात की गई है।