हिमाचल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश देकर सुनिश्चित करने को कहा है कि मादक पदार्थों का सेवन करने वाले नशेड़ियों के खिलाफ भी एनडीपीएस कानून के तहत कार्रवाई कर दंडित किया जाए। न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर की खंडपीठ ने प्रदेश के सभी भू मालिकों को आदेश दिए हैं कि वे तुरंत पुलिस या राजस्व विभाग को अपने क्षेत्र में उगी भांग या अफीम की जानकारी दें।
यदि ऐसा नहीं किया तो ऐसे भूमि मालिकों के खिलाफ भी कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। कोर्ट ने सतर्कता विभाग को आदेश दिए हैं कि हर छह महीने में मादक पदार्थों की छानबीन करने वाले कर्मियों की चल व अचल संपत्तियों की जानकारियां हासिल करे। कोर्ट ने सभी कर्मचारियों व छोटे-बड़े नेताओं को भी आदेश दिए हैं कि वह किसी भी भूमि पर उगाई जा रही भांग या अफीम की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों को सूचित करें।
ऐसा न करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई अमल में लाने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारियों को भांग और अफीम की जानकारी मिलते ही अटैच करने के आदेश दिए। सभी डीएफओ को आदेश दिए गए हैं कि वे विशेष टीमों का गठन
कर अपने क्षेत्र में पड़ने वाली भूमि पर भांग व अफीम का पता लगाएं और उसे तुरंत उखाड़ कर नष्ट करे। कोर्ट ने कांगड़ा, कुल्लू, शिमला, चंबा और मंडी जिलों में मादक पदार्थों के मामलों की छानबीन के लिए ईमानदार पुलिस अधिकारियों को नियुक्त करने के आदेश भी जारी किए।