एचआरटीसी में प्रशिक्षण लेने गए 131 चालकों का फिर से ड्राइविंग टेस्ट होगा। निगम में भले ही इन चालकों की नौकरी लग गई हो लेकिन इन्हें एक और ड्राइविंग टेस्ट प्रक्रिया से गुजरना होगा। प्रशिक्षण के दौरान इन चालकों ने क्या - क्या जानकारी हासिल की है। इसका टेस्ट लिया जाएगा।
उसके बाद ही इन चालकों के हाथ में बसों के स्टेयरिंग थमाए जाएंगे। यदि चालक टेस्ट में फेल होते हैं तो 10 दिन बाद इन चालकों को यह टेस्ट देना होगा। चालकों को टेस्ट के तीन मौके दिए जाएंगे। एचआरटीसी तारादेवी में एक महीने से चालकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही थी।
करीब 4 हजार अभ्यर्थियों ने यह परीक्षा दी थी। इसमें एक तिहाई ने परीक्षा पास की। इसमें से 131 प्रशिक्षु चालकों का चयन किया गया। अब इन चालकों को प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। एक महीने तक इनका प्रशिक्षण चलता रहेगा।
उसके बाद इनका टेस्ट होगा। जो चालक यह टेस्ट क्लीयर करेगा उन्हें बसों में चढ़ाया जाएगा। परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि जब तक चालक यातायात के नियमों को पूरी तरह से न जान पाएं, तब तक इन्हें बसों में नहीं चढ़ाया जाएगा।