शिमला। डिजिटल इंडिया के तहत प्रदेश की पंचायतों के प्रधानों को भी अब कंप्यूटर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का मुख्य मकसद यह है कि प्रधान खुद कंप्यूटर पर पंचायत से संबंधित कार्य कर सकें। केंद्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं के तहत ऑनलाइन भुगतान को पारदर्शी बनाने के लिए पंचायतीराज विभाग की ओर यह प्रशिक्षण प्रदेश की 3226 पंचायतों के प्रधानों को दिया जाएगा।
प्रशिक्षण के बाद प्रधान पंचायतों से जुड़ी सभी योजनाओं का हिसाब किताब खुद तैयार कर सकेंगे। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तो मदद मिलेगी ही प्रधानों को भी सुविधा रहेगी। प्रधानों को यह प्रशिक्षण मास्टर ट्रेनरों की ओर से दिया जाएगा। कंप्यूटर प्रशिक्षण के तहत प्रधानों को कंप्यूटर की बेसिक जानकारियों मुहैया करवाई जाएगी। इसमें प्रधानों को ईमेल, डाउनलोड और अपलोड करना और वेबसाइट के अलावा आनलाइन भुगतान संबंध के बारे में ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके अलावा प्रधानों को विकास कार्यों के एस्टिमेट कैसे बनेंगे और पंचायत के हिस्से में किस कार्ययोजना को किस आधार पर प्राथमिकता देनी है, इनमें प्रधानों को दक्ष बनाया जाएगा। अब तक अधिकतर कार्य पंचायत सचिव ही करते हैं। यही नहीं कुछ जगह तो ऐसे भी प्रधान हैं जिन्हें कागजात तक पढ़ने नहीं आते हैं। लिहाजा नए नियमों से आने वाले दिनों में अंगूठा टेक और कम पढ़े लिखे लोगों के लिए अब प्रधान बनना आसान नहीं होगा।
प्रधानों को दक्ष बनाना मकसद : केवल शर्मा
पंचायतीराज विभाग के अतिरिक्त निदेशक केवल शर्मा ने बताया कि कंप्यूटर प्रशिक्षण के तहत प्रधानों को पंचायत से जुड़ी विकास की कार्ययोजना की तैयारी में दक्ष बनाना है। इससे प्रधानों को आनलाइन सरकारी योजनाओं की जानकारी लेने के अलावा पंचायतों में उसका कैसे क्रियान्वयन करना है के बारे में बताया जाएगा।