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ट्रेड यूनियनों की हड़ताल: पंचायत भवन से चौड़ा मैदान तक निकाली रैली, सर्कुलर रोड हुआ जाम, देखें वीडियो

Wed, 09 Jul 2025 03:52 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला

सार

हड़ताल के चलते शिमला शहर में प्रदर्शनों से यातायात ठप हो गया। शहर में सैहब सोसायटी के कर्मचारी भी हड़ताल पर हैं। इसके चलते घरों से कूड़ा नहीं उठा। शिमला का राम बाजार भी बंद रहा। 
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ट्रेड यूनियनों ने शिमला में निकाली रैली। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की ओर से बुधवार राष्ट्रव्यापी हड़ताल में सीटू से संबंधित सभी यूनियनें शामिल हुईं। हड़ताल के चलते शिमला शहर में प्रदर्शनों से यातायात ठप हो गया। शहर में सैहब सोसायटी के कर्मचारी भी हड़ताल पर हैं। इसके चलते घरों से कूड़ा नहीं उठा। शिमला का राम बाजार भी बंद रहा। तहबाजारियों ने दुकानें नहीं खोलीं। रेहड़ी-फड़ी तहबाजारी यूनियन भी हड़ताल पर है। इस दाैरान बाजार से पंचायत भवन तक रैली निकाली गई।  शिमला व्यापार मंडल इस हड़ताल में शामिल नहीं हुआ है। सीटू से संबंधित मिड डे मील और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी हड़ताल में शामिल हुईं।

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इसके चलते स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में खाना बनाने का काम ठप रहा। हड़ताल में किसान, मजदूर संगठनों के अलावा होटल कर्मचारी, अस्पताल कर्मचारी, एसटीपी कर्मी, मनरेगा कर्मी, परियोजनाओं में काम कर रहे कर्मचारी, गाइड आदि शामिल हुए। शिमला शहर में हड़ताल के दौरान सुबह पंचायत भवन से चौड़ा मैदान के लिए विशाल रैली निकाली। इस दौरान सर्कुलर रोड पर जाम लग गया। जाम के चलते बसों से उतरकर लोग पैदल चलने को मजबूर हुए। स्कूली बच्चों की गाड़ियां भी जाम में फंसी रहीं। इसके बाद चौड़ा मैदान में विशाल रैली में विभिन्न संगठनों के नेता शामिल हुए। ट्रेड यूनियनों की इस हड़ताल को माकपा और किसान सभा ने भी अपना समर्थन दिया है।   वहीं इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (आईजीएमसी), केएनएच, डीडीयू और चमियाना में आज सफाई कर्मचारी, वार्ड अटेंडेंट, ईसीजी तकनीशियन, लॉन्ड्री और मैस स्टाफ भी हड़ताल में शामिल हुए। 

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इन मांगों को लेकर हुई हड़ताल 
सीटू के अनुसार केंद्र सरकार के लेबर कोड के जरिये मजदूरों पर गुलामी थोपने, बंधुआ मजदूरी कायम करने के खिलाफ यह प्रदर्शन होगा। इसके अलावा शहर में तहबाजारी उजाड़ने, 26 हजार न्यूनतम वेतन करने, योजना कर्मियों, आउटसोर्स, ठेका प्रथा, मल्टी टास्क, टेंपररी, कैजुअल, ट्रेनी की जगह नियमित रोजगार देने, मनरेगा बजट में बढ़ोतरी करने, मनरेगा मजदूरों के लिए न्यूनतम वेतन लागू करने, श्रमिक कल्याण बोर्ड के आर्थिक लाभ सुनिश्चित करने, फसलों के समर्थन मूल्य, हिमाचली सेब पर मंडराते टैरिफ खतरे, आपदा राहत, बढ़ते कृषि संकट, जमीन की बेदखली, तालाबंदी, वाड़बंदी, पनबिजली परियोजनाओं, फोरलेन निर्माण से प्रभावित किसानों, दूध के प्रश्न आदि मुद्दों पर यह हड़ताल रखी गई।

सीटू के बैनर तले मंडी में ट्रेड यूनियनों ने किया प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ नारेबाजी
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर बुधवार को मंडी जिला मुख्यालय पर सीटू के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। सीटू के जिला महासचिव राजेश शर्मा ने कहा कि अच्छे दिनों का वादा करके व मोदी की गारंटी की दुहाई देकर सत्ता में आई भाजपा सरकार ने पिछले 11 साल से कई मजदूर, कर्मचारी, किसान व आम जनता विरोधी कदम उठाए हैं। मोदी सरकार के घोषित चार लेबर कोड को लागू करने का एजेंडा पूर्णत मजदूर विरोधी है।  कहा कि आजादी से पहले और बाद में मजदूरों के संघर्षों और कुर्बानियों से बने 44 श्रम कानूनों को चार मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं में बदल दिया गया। मजदूरों के काम के घंटे आठ से बढ़कर 12 घंटे करने की अधिसूचना भी जारी हो चुकी है।  हड़ताल में रेहड़ी-फहड़ी राज्य सचिव सुरेंद्र कुमार, जिला सचिव प्रवीण कुमार, आंगनबाड़ी जिला प्रधान विमला ने मांग उठाई कि मजदूर योजनाओं कर्मियों विरोधी चार श्रम संहिताओं को खत्म किया जाए। 

धर्मशाला में मांगों को लेकर गरजे सीटू, इंटक और किसान सभा, निकाली रैली
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच व संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आज देश व्यापी हड़ताल के माैके पर मजदूरों के संगठन सीटू व इंटक से जुड़ी यूनियनों तथा संयुक्त किसान मोर्चा के मुख्य घटक किसान सभा ने धर्मशाला में केंद्र की मोदी सरकार की मजदूर, किसान व आम जनता विरोधी नीतियों के विरोध में रैली निकाली। इस दौरान जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 

केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर चंबा में सीटू ने किया प्रदर्शन
 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर बुधवार को  जिला मुख्यालय चंबा में सीटू के बैनर तले जमकर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। सीटू की जिला महासचिव सुदेश कुमारी ने कहा कि अच्छे दिनों का वादा करके व मोदी की गारंटी की दुहाई देकर सत्ता में आई मोदी सरकार ने पिछले 11 साल से कई मजदूर, कर्मचारी, किसान व आम जनता विरोधी कदम उठाए हैं। मोदी सरकार के घोषित चार लेबर कोड को लागू करने का एजेंडा पूर्णत मजदूर विरोधी है। 
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