रमेश कुमार ने कहा कि इस ट्रैक्टर में भविष्य में बदलाव लाएंगे। इसमें खेत से कचरा, घास व अन्य खरपतवार की सफाई करने के लिए उपकरण लगाएं जाएंगे। जुताई के साथ-साथ इस ट्रैक्टर से खेत की सफाई भी होगी। स्कूटर के इंजन के बाद अब वह मोटरसाइकिल के इंजन से भी ट्रैक्टर बनाने में सफल हो गए हैं।
आईआरडीपी में है रमेश का परिवार
रमेश कुमार ने कहा कि उनका चार सदस्यों का परिवार आईआरडीपी में है। बहू चार साल से किडनी के रोग से जूझ रही है। घर की माली हालत ठीक नहीं है।