प्रदेश सरकार ने टाउन प्लानरों की शक्तियों में कटौती कर दी है। लोगों को अपना व्यवसाय बदलने के लिए अब सरकार से मंजूरी लेनी पड़ेगी। पहले यह मंजूरी टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के निदेशक और टाउन प्लानर को थी। अब टाउन प्लानर लोगों से औपचारिकताएं पूरी कराने के बाद चेंज ऑफ लैंड यूज की फाइल सरकार को भेजेंगे।
सरकार की फाइनल मंजूरी के बाद ही लोग अपना व्यवसाय बदल सकेंगे। प्रदेश के प्लानिंग एरिया और साडा क्षेत्रों में किसी भी तरह की गतिविधियां करने के लिए पहले टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से अनुमति लेनी पड़ती है। इसमें चाहे भवन का नक्शा पास करना हो या फिर बिल्डरों के लाइसेंस या फिर चेंज ऑफलैंड यूज।
सरकार का मानना है कि लोगों की चेंज ऑफ लैंड यूज के लिए लगातार शिकायतें आ रही हैं। हिमाचल में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसमें लोगों ने शिक्षण संस्थान और अस्पताल खोलने की अनुमति ली है, लेकिन मौके पर होटल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं।
कई लोगों ने घरों में ही बिना चेंज ऑफ लैंड यूज बदले बगैर ही दुकानें तक खोल रखी हैं। इससे सरकार को सालाना लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। सरकार ऐसे लोगों पर भी कार्रवाई करेगी।
चेंज ऑफ लैंड यूज की सभी फाइल प्रदेश सरकार को आएंगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव टीसीपी चेंज ऑफ लैंड यूज की अनुमति देगी। व्यावसायिक गतिविधियों की हर फाइलों को गंभीरता से देखा जाएगा। नियमों और शर्तों के बाद ही व्यवसाय बदलने की अनुमति दी जाएगी।
- सुधीर शर्मा, शहरी विकास मंत्री