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भूस्खलन से मंडी-कुल्लू हाईवे बंद, सैकड़ों सैलानी फंसे, लाहौल में गिरा हिमखंड

Mon, 13 Jan 2020 03:30 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नगवाईं(मंडी)/लाहौल
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चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर गिरे पत्थर - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल में बारिश-बर्फबारी का दौर सोमवार को एक बार फिर शुरू हो गया। जनजातीय क्षेत्र लाहौल घाटी के ठोलंग गांव के समीप वामतट की पहाड़ी पर मिजली नाला में हिमखंड गिरने से चिनाब नदी का बहाव पांच घंटे तक रुका रहा। चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर बनाला के पास चट्टानें आने से मार्ग करीब एक घंटा बाधित रहा। इससे सैकड़ों सैलानियों के वाहन फंस गए। एक घंटे बाद हाईवे बहाल किया।

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लेकिन पहाड़ी से रुक-रुक कर भूस्खलन हो रहा है, जिस कारण दिनभर यहां जाम लगता रहा। इसको देखते हुए प्रशासन ने हाईवे को मंगलवार सुबह आठ बजे तक के लिए बंद कर दिया है। बनाला में शनिदेव मंदिर के पास लगातार भूस्खलन हो रहा है। भारी बर्फबारी के बाद लाहौल घाटी के स्कूलों में छुट्टियां कर दी गई हैं। सोमवार को पहाड़ों पर जमकर बर्फबारी हुई, जबकि मैदानों में बादल झमाझम बरसे। 

शिमला में दोपहर से बारिश का सिलसिला शुरू हुआ। प्रदेश में 359 सड़कें बंद रहीं। कई क्षेत्रों में बिजली और पानी का संकट है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 16 जनवरी को भारी बारिश-बर्फबारी की चेतावनी जारी की है। 19 तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। लाहौल में बीते तीन दिनों से बर्फबारी जारी है। चोटियों से हिमखंड गिर रहे हैं। जिला प्रशासन ने लोगों को आगाह किया है कि वे नदी और दूरदराज इलाकों में न जाएं। 
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रविवार रात करीब साढ़े तीन बजे गिरे हिमखंड से सोमवार सुबह नौ बजे चिनाब नदी का पानी धीरे-धीरे सामान्य हुआ। लाहौल घाटी में केलांग-उदयपुर, केलांग-दारचा, केलांग-गुफा होटल सहित 134 संपर्क मार्ग बंद हैं। लाहौल प्रशासन ने स्कूलों में दो दिन की छुट्टी कर दी है। कुल्लू जिले में सड़कें, बिजली, पानी और दूरसंचार सेवा ठप है। किन्नौर, रामपुर और आउटर सिराज में भी बर्फबारी हुई।

लोनिवि को 107 करोड़ का नुकसान

- फोटो : अमर उजाला
शिमला-रामपुर नेशनल हाईवे सोमवार को भी बंद रहा। जिला सिरमौर के ऊपरी क्षेत्रों में भी बर्फबारी हुई। नौहराधार, हरिपुरधार, राजगढ़ व रोनहाट क्षेत्रों की पांच दर्जन पंचायतों में पांच दिन बाद भी बिजली बहाल नहीं हुई है। चंबा जिला में पांगी-भरमौर की ऊपरी चोटियों में सोमवार सुबह हल्की बर्फबारी हुई। जिला कांगड़ा में धौलाधार की पहाड़ियों पर भी ताजा बर्फबारी हुई। मौसम खराब रहने के चलते गगल एयरपोर्ट पर शाम चार बजे आने वाली फ्लाइट भी नहीं पहुंची।

 हिमाचल में भारी बर्फबारी और बारिश से लोक निर्माण विभाग को करीब 8 दिन में 107 करोड़ रुपये की चपत लगी है। प्रदेश में बर्फबारी के चलते 1037 सड़कें यातायात के लिए बाधित रहीं। इनमें से अधिकांश सड़कें क्षतिग्रस्ति हुई हैं। शिमला जोन को सर्वाधिक 1915.38 लाख रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि मंडी जोन को 1320.66 लाख, कांगड़ा जोन को 6997.71 लाख अन्य नेशनल हाईवे में 499.02 लाख रुपये का नुकसान होने का आकलन है।   

न्यूनतम तापमान और बर्फबारी

- फोटो : अमर उजाला
क्षेत्र    बर्फबारी (सेंटीमीटर में)
रोहतांग दर्रा    150 
कोकसर    90
केलांग    60
दारचा    40
गोंधला    35
जाहलमा    30
उदयपुर    15

क्षेत्र    न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
केलांग    - 6.0
कल्पा    - 3.3
मनाली    - 0.8
डलहौजी    4.2
धर्मशाला    4.8
कुफरी    5.0
शिमला    7.7 
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पागलनाले में मलबा आने से फिर बंद रही आवाजाही

पागलनाला के रौद्र रूप ने सैंज घाटी की रफ्तार फिर रोक दी है। लारजी-न्यूली सड़क पर तलाड़ा के पास पागलनाले में सोमवार को भी भारी मलबा आने से तीन घंटे यातायात बंद रहा। हालांकि लोक निर्माण विभाग की मशीन मलबे को हटाने के लिए स्थायी रूप से लगाई गई है। लगातार मलबा आने से समस्या खड़ी हो रही है। 

 तीन दिन से हो रही बारिश के कारण सैंज घाटी में जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सैंज-धाउगी, सैंज-देहुरी और सैंज-कनौन सड़कों पर बसें नहीं चल रही हैं। कई पैदल रास्ते मलबा गिरने से बाधित हुए हैं। लारजी-न्यूली सड़क बंद रहने से पागलनाला के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगी रही। लोगों को जान जोखिम में डालकर नाला पैदल पार करना पड़ा।

सड़क पर वाहन बंद रहने से सोमवार को कामकाजी लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क बंद होने से विद्युत परियोजनाओं के निर्माण कार्य पर भी खासा असर पड़ा। अधिकतर मजदूर और कर्मचारी समय पर साइटों तक नहीं पहुंच पाए। बता दें कि घाटी की पंद्रह पंचायतों को जोड़ने वाली यह एकमात्र सड़क है। पागलनाला घाटी में लंबे समय से सर दर्द बना हुआ है। जनता यहां पुल बनाने की मांग कर रही है।

दिनेश कुमार, ऐले राम, अशोक, नरेंद्र, ओम प्रकाश, राम दास, सेस राम, रोशन लाल, प्रकाश नेगी, महेंद्र सिंह, मोती राम, पूर्ण चंद और प्रेम सिंह ने कहा कि पागलनाला में रविवार रात से लगातार मलबा आ रहा है। नाले में विभाग ने जेसीबी मशीन लगाई है। लेकिन नाले से लगातार मलबा आ रहा है। लोक निर्माण विभाग के एसडीओ रवि डीसी चंदेल ने कहा कि पागलनाला में मलबा हटाने के लिए मशीन लगाई है। लगातार बारिश होने से नाले में मलबा आ रहा है।
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