लकड़ी की आंच पर भुने भुट्टों माने जाते स्वादिष्ट संवाद न्यूज एजेंसी
जुन्गा (शिमला)। बरसात शुरू होते ही जिला शिमला के पर्यटन स्थलों शिलोनबाग, कोटी और जनेड़घाट में सड़क किनारे भुने जा रहे मक्की के भुट्टों की खुशबू पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।
देसी अंदाज में अंगारों पर भुने भुट्टे न केवल सैलानियों का स्वाद बढ़ा रहे हैं, बल्कि कई गरीब परिवारों के लिए रोजगार और आय का महत्वपूर्ण साधन भी बन गए हैं। सड़क किनारे भुट्टे बेचने वालों का कहना है कि उनकी बिक्री में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। छलांडा में भुट्टे भून रही एक महिला ने बताया कि प्रतिदिन कच्चे भुट्टों की लगभग एक बोरी बिक जाती है और 20 रुपये प्रति भुट्टा की दर से अच्छी कमाई हो रही है। भुट्टों में विटामिन, खनिज, फाइबर और आयरन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मक्की का उपयोग भुट्टे के अलावा सत्तू, पचौले और मक्की की रोटी बनाने में भी किया जाता है। प्रगतिशील किसान प्रीतम ठाकुर, देशराज और राकेश कुमार बताते हैं कि सर्दियों में मक्की की रोटी हर पहाड़ी घर की शान होती है।