सीएम ने संबित पात्रा को कांगड़ा पेंटिंग भेंट की।
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पर्यटन की अवधारणा काफी हद तक हमारे मनोविज्ञान से भी जुड़ी होती है। ऐसे में हमें पर्यटन विकास के लिए अपने देश और प्रदेश की अच्छी छवि बनाने के लिए जोर देना होगा। एक बार पर्यटक के दिमाग पर अगर हमने अपने पर्यटन स्थलों के बारे में गहरी छाप छोड़ दी तो पर्यटक उस स्थल पर घूमने के लिए खिंचा चला आएगा। भारत पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष संबित पात्रा ने यह बात धर्मशाला में चल रही राष्ट्रीय पर्यटन कॉन्फ्रेंस में कही।
उन्होंने बताया कि विदेश में हर राष्ट्र अपनी चीजों को ‘विशेष महत्व’ देता है। अमेरिका में एक कुर्सी की महानता भी यह कहकर बताई जाती है कि उस कुर्सी पर जॉर्ज वाशिंगटन ने बैठकर एक बड़े दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे। हमारे जहां तो कंकड़-कंकड़ में शंकर का वास माना गया है। जहां हजारों वर्ष पुरानी धरोहरें मौजूद हैं। उन्हें ‘विशेष महत्व’ देकर पर्यटन विकास को एक नई दिशा दी जा सकती है।
पर्यटन विकास के क्षेत्र में नागरिक उड्डयन सेवाओं में विस्तार अहम भूमिका निभा रहा है। कुछ राज्यों में वैट (वैल्यू ऐडिड टैक्स) की दरें बहुत ऊंची हैं। इसके चलते वहां हवाई सेवाओं का विस्तार नहीं हो सका है। हर राज्य यदि वैट की दरों में न्यूनतम करे तो हवाई सेवाओं के नेटवर्क मजबूत होगा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राष्ट्रीय पर्यटन कॉन्फ्रेंस में ऑनलाइन जुड़कर यह बात कही। उन्होंने कहा कि गोवा सहित आज भी कई राज्य ऐसे हैं, जहां वैट की दरें काफी ऊंची हैं।
इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मैंने कई बार इन्हें घटाने का आग्रह भी किया है। बावजूद इसके दरें कम नहीं हुई हैं। इसके चलते वहां हवाई यातायात का एक मजबूत नेटवर्क खड़ा नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि कई राज्य ऐसे भी हैं, जहां वैट की दर पांच फीसदी से कम है। वहां यह नेटवर्क काफी मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि देश में, खासकर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख और पूर्वोत्तर के राज्यों के दुर्गम हिस्सों में कनेक्टिविटी के लिहाज से हेलिकाप्टर सेवाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। देश के हर छोर से कनेक्टिविटी के लिहाज से हेलिकाप्टर सेवाएं अहम हैं।