मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (फाइल फोटो)
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पर्यटन से जुड़े कारोबारियों की वर्किंग कैपिटल खत्म होने से चिंताएं बढ़ गई हैं। टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को पत्र लिखकर पर्यटन कारोबारियों को वर्किंग कैपिटल की आर्थिक मदद देने की मांग की है। एसोसिएशन ने कहा है कि सरकार से आर्थिक मदद नहीं मिलने से कारोबारियों का वर्किंग कैपिटल शून्य हो गया है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहिंद्र सेठ ने कहा कि कारोबारियों ने अपनी बचत से पैसा खर्च कर बैंकों से ऋण लेकर पूरा वर्ष अपनी इकाइयों और अपने खर्चों को पूरा किया है। अब होटल और अन्य पर्यटन से जुड़े कारोबारी के पास वर्किंग कैपिटल शून्य हो गया है। पर्यटन से जुड़े कारोबारियों को बैंकों से लिए ऋणों के ब्याज और किस्तों का भुगतान कर पाना असंभव हो गया है।
एसोसिएशन ने केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय और आरबीआई के गवर्नर को भी पत्र लिखकर गुहार लगाई है कि मौजूदा ऋणों की डिफेरमेन्ट की जाए और ऋणों को एनपीए होने से रोका जाए। कोविड की दूसरी लहर से हो रहे नुकसान से उबरने के लिए हिमाचल की पर्यटन इंडस्ट्री के लिए एक आर्थिक पैकेज दिया जाए। उन्होंने कहा कि अभी कोविड की दूसरी लहर का प्रकोप देश और प्रदेश में कम होने में समय लग सकता है। यदि इस महामारी से निपटने के लिए कर्फ्यू की अवधि को बढ़ाना पड़े तो पर्यटन उद्योग सरकार के साथ खड़ा है।