डेवलपमेंट प्लान में भवन बनाने की छूट देने की तैयारी, सख्त शर्तें खड़ी करेंगी दिक्कतें
प्लाट पर है हरा पेड़ तो नहीं होगा निर्माण
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के फैसले के बाद पहली बार राजधानी के ग्रीन एरिया में भी लोगों को भवन निर्माण की छूट मिलने वाली है। डेवलपमेंट प्लान को मंजूरी मिलने के बाद शहर के इस क्षेत्र के सैकड़ों लोग अब अपनी खाली जमीन पर भवन बना सकेंगे।
हालांकि इस क्षेत्र में भवन निर्माण करना इतना आसान नहीं रहेगा।
राजधानी में हरे भरे क्षेत्र को कायम रखने के लिए इस क्षेत्र में निर्माण पर कई सख्त शर्तें भी लागू होने वाली हैं। टीसीपी विभाग की ओर से तैयार किए डेवलपमेंट प्लान में इसके कड़े प्रावधान किए हैं। इस क्षेत्र में सिर्फ रिहायशी भवन बनाने की अनुमति दी जाएगी। कोई भी व्यावसायिक परिसर इस क्षेत्र में नहीं बन सकेगा। इसके अलावा यदि किसी खाली प्लाट पर हरे पेड़ हैं तो वहां भवन निर्माण की अनुमति नहीं मिलेगी।
यह पेड़ भवन निर्माण के लिए नहीं काटे जा सकेंगे। यही नहीं, यदि प्लाट से सटे क्षेत्र में हरे पेड़ हैं तो भी इनकी दूरी भवन से करीब दो मीटर दूर होनी चाहिए। वन क्षेत्र से पांच मीटर की दूरी पर ही भवन निर्माण की अनुमति दी जाएगी।
पहाड़ी की खुदाई पर भी लागू होंगी शर्तें
भवन निर्माण से पहले इस क्षेत्र में प्लाट की खुदाई को लेकर नियम बनाए गए हैं। यहां सिर्फ 3.5 मीटर तक ही हिल कटिंग की मंजूरी मिल पाएगी। इससे ज्यादा खुदाई कर प्लाट सीधे करने और फिर निर्माण करने की मंजूरी नहीं मिलेगी। 16 नवंबर 2017 को आए एनजीटी के फैसले के बाद से शहर के कोर और ग्रीन एरिया में भवन निर्माण पर पाबंदी लगी हुई है।
दो फ्लोर और एटिक की मिलेगी मंजूरी
डेवलपमेंट प्लान के अनुसार ग्रीन एरिया में दो फ्लोर और एटिक बनाने की मंजूरी दी जाएगी। इन्हीं दो फ्लोर में पार्किंग फ्लोर भी बनाने की छूट रहेगी। पार्किंग के लिए कोई अतिरिक्त फ्लोर यहां नहीं मिलेगा। इसके अलावा इन भवनों में रेन हार्वेस्टिंग की व्यवस्था करना भी अनिवार्य होगा। ग्रीन एरिया में शहर के 17 मुख्य स्थान शामिल है। इसमें जाखू, बैनमोर, लक्कड़ बाजार, कैलस्टन, चौड़ा मैदान, बालूगंज का कुछ क्षेत्र, नवबहार एरिया और छोटा शिमला का कुछ क्षेत्र शामिल है।
यह शर्तें होंगी लागू
3.5 मीटर तक हिल कटिंग की मिल पाएगी मंजूरी
हरे पेड़ से 2 मीटर, वन क्षेत्र से पांच मीटर की दूरी जरूरी
ग्रीन एरिया में सिर्फ रिहायशी भवन बना सकेंगे
दो फ्लोर और एक एटिक का हो पाएगा निर्माण
चार साल बाद इस क्षेत्र में मिलेगी निर्माण की मंजूरी