रोहतांग में पर्यटन सीजन के दौरान ट्रैफिक समस्या से निपटने के लिए कुल्लू प्रशासन अब पैकेज बेसड इंटिग्रेटिड स्टे मॉडल को आजमा सकता है। हिमाचल विश्वविद्यालय शिमला में तैनात टूरिज्म विभाग के एक प्रोफेसर के इस फार्मूले से रोहतांग दर्रे में ट्रैफिक समस्या से निजात मिलने के साथ ही पर्यटन कारोबार को भी पंख लग सकते हैं।
बर्फ के दीदार के लिए रोहतांग में पर्यटकों का जमघट लगने से यहां रोजाना 5 से 6 घंटे तक जाम लगना आम बात हो गई है। पर्यटन के अनुभव को साझा करते हुए टूरिज्म विभाग के प्रोफेसर डॉ. चंद्रमोहन परशीरा ने रजिस्ट्रार एनजीटी, मुख्य सचिव, सचिव पर्यटन के साथ ही कुल्लू प्रशासन को पैकेज बेसड इंटिग्रेटिड मॉडल भेजा है।
ये है मॉडल
डॉ. परशीरा ने अपने इस मॉडल में मनाली समेत इसके आस-पास के इलाकों को तीन कलस्टर में विभाजित करने की बात कही है। तीनों कलस्टर में रुकने वाले पर्यटकों का हर रोज का डेस्टिनेशन अलग-अलग होगा। मसलन कलस्टर ए के पर्यटक पहले दिन सोलंग वैली तो कलस्टर- बी के रोहतांग का रुख करेंगे।
उपायुक्त कुल्लू राकेश कंवर ने ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए डॉ. परशीरा की ओर से पैकेज बेसड इंटिग्रेटिड स्टे मॉडल मिलने की जानकारी दी है। कंवर ने कहा कि मॉडल में दिए गए सुझाव कुल्लू मनाली में व्यवस्थित पर्यटन कारोबार के लिहाजा से मील का पत्थर साबित हो सकता है।