मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में बढ़ती यातायात समस्या और सड़कों की बढ़ती निर्भरता को कम करने के लिए रज्जू मार्गों और अन्य रैपिड ट्रांसपोर्टेशन परियोजनाओं के निर्माण की संभावनाओं का सरकार पता लगा रही है। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी रोपवे एंड रैपिड ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट कारपोरेशन की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।
उन्होंने कहा कि राज्य में मौजूदा परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुचारु बनाने के लिए रज्जू मार्गों, मोनो रेल, पॉड कार, एसक्लेटर आदि आधुनिक परिवहन विकल्पों की पहचान करने के लिए परिवहन विभाग के तहत रोपवे एंड रैपिड ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट कारपोरेशन का गठन किया है। यह निगम एक नोडल एजेंसी के रूप में कार्य कर रहा है।
जयराम ने कहा कि पहले चरण में शिमला, मनाली और धर्मशाला जैसे पर्यटन महत्व के स्थलों में यातायात की वैकल्पिक व्यवस्थाओं की संभावनाओं का पता लगाया जाएगा। भारत सरकार के उपक्रम वैपकोस लिमिटेड पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण शिमला, मनाली और धर्मशाला शहरों के लिए प्रारंभिक योजना तैयार की है। इसके अनुसार डीपीआर बनाई जाएगी और इस वर्ष नवंबर तक निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि बगलामुखी मंदिर के लिए एक रज्जू मार्ग के प्रोमोटर की नियुक्ति के लिए निविदा आमंत्रित कर दी गई है। न्यूगल रज्जू मार्ग के निर्माण के लिए प्री फिजीबिल्टी स्टडी की जा रही है। प्रधान सचिव परिवहन जेसी शर्मा, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव संजय कुंडू, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विनय सिंह भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।