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शोध में खुलासा, सड़क हादसों में नहीं, इस वजह से ज्यादा घायल होते हैं लोग

Mon, 06 Feb 2017 01:34 PM IST
प्रखर दीक्षित/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल में घायल होने वाले लोगों में आधे से ज्यादा गिरने की वजह से घायल होते हैं। सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन यह सच है। डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा के शोधकर्ताओं द्वारा टांडा क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में आए घायलों पर किए शोध में यह खुलासा हुआ है।
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शोध में यह बात सामने आई है कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले घायलों में 74 फीसदी से ज्यादा किसी न किसी तरह से गिरने की वजह से घायल होते हैं। वहीं, महज 14 फीसदी लोग सड़क हादसों में घायल होते हैं। इनमें भी 69 फीसदी लोगों में हड्डी टूटना आम पाया गया।

इनमें किसानों और छात्र-छात्राओं की संख्या काफी ज्यादा रहती है। शोधकर्ताओं का मानना है कि घायल होने वालों में ज्यादातर पेड़ से, पगडंडी या चलते फिरते गिर जाते हैं। शोध में शामिल डा. एसके रैना ने बताया कि इस शोध का उद्देश्य अस्पतालों में आने वाले लोगों के घायल होने के कारण का पता लगाना था।
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कहा कि आम तौर पर यह माना जाता रहा है कि सड़क  हादसों में ज्यादा लोग घायल होकर अस्पतालों में पहुंचते हैं। लेकिन इस शोध से इस मिथक का पटाक्षेप भी हुआ है।
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ऐसे किया शोध, आंकड़ों में सामने आए रोचक तथ्य

शोधकर्ताओं ने एक साल तक टीएमसी के आर्थोपेडिक्स डिपार्टमेंट और इमरजेंसी व सीएचसी-पीएचसी में आने वाले घायलों का रिकॉर्ड बनाया। इस रिकॉर्ड में घायलों के नाम, उम्र और घायल होने के कारणों को भी दर्ज किया गया।

एक साल के दौरान कुल 1272 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 853 पुरुष व 419 महिलाएं थीं। घायलों की औसत उम्र 16-30 साल थी। कारण जानने पर करीब 74.6 प्रतिशत लोगों के गिरने से घायल होने की बात सामने आई जबकि 14.6 लोग सड़क हादसों में घायल हुए।
 
आंकड़ों में सामने आए रोचक तथ्य
घायलों में 69 फीसदी में हड्डी टूटने की शिकायत पाई गई। इसके अलावा गिरने से घायल होने वालों में 27.73 प्रतिशत विद्यार्थी और 19.74 फीसदी किसान थे। वहीं, घायलों में अधिक आय वालों की संख्या (89 प्रतिशत) कम आय वालों की अपेक्षा ज्यादा थी। यह आंकड़ा दिल्ली में म्यूनिसिपल कारपोरेशन एरिया के घायलों पर हुई स्टडी के बराबर ही था।
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