हिमाचल में घायल होने वाले लोगों में आधे से ज्यादा गिरने की वजह से घायल होते हैं। सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन यह सच है। डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा के शोधकर्ताओं द्वारा टांडा क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में आए घायलों पर किए शोध में यह खुलासा हुआ है।
शोध में यह बात सामने आई है कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले घायलों में 74 फीसदी से ज्यादा किसी न किसी तरह से गिरने की वजह से घायल होते हैं। वहीं, महज 14 फीसदी लोग सड़क हादसों में घायल होते हैं। इनमें भी 69 फीसदी लोगों में हड्डी टूटना आम पाया गया।
इनमें किसानों और छात्र-छात्राओं की संख्या काफी ज्यादा रहती है। शोधकर्ताओं का मानना है कि घायल होने वालों में ज्यादातर पेड़ से, पगडंडी या चलते फिरते गिर जाते हैं। शोध में शामिल डा. एसके रैना ने बताया कि इस शोध का उद्देश्य अस्पतालों में आने वाले लोगों के घायल होने के कारण का पता लगाना था।
कहा कि आम तौर पर यह माना जाता रहा है कि सड़क हादसों में ज्यादा लोग घायल होकर अस्पतालों में पहुंचते हैं। लेकिन इस शोध से इस मिथक का पटाक्षेप भी हुआ है।