नोबेल शांति पुरस्कार विजेता एवं तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा ने धर्मशाला में कहा कि महात्मा गांधी की सोच प्राचीन भारतीय ज्ञान से प्रभावित थी। उनके अहिंसा सहित अन्य पहलू प्राचीन भारतीय ज्ञान से प्रभावित थे। पंडित जवाहर लाल मेरे बहुत अच्छे मित्र थे।
उन्होंने हमारी सहायता भी बहुत की, लेकिन उनकी जीवनशैली थोड़ी पाश्चात्य सोच से प्रेरित थी। दलाईलामा ने कहा कि बुद्ध और महात्मा गांधी दोनों अलग-अलग रूपों से बहुत महत्वपूर्ण हैं। अधिक महत्वपूर्ण यह है कि वे कैसे असाधारण बन गए।
प्राचीन भारतीय परंपरा और ज्ञान की वजह से ऐसी शख्सियतें बनीं। हमारे पास महात्मा गांधी और बुद्ध की तरह बनने का एक ही मौका है। आधुनिक समय में प्राचीन भारतीय परंपरा के पुनरुत्थान के माध्यम से ज्यादा गांधी और बुद्ध बन सकते हैं।