चीन से यू यूलिंग ने 39,552 रुपये, वांग चुनमेई ने 28,016 रुपये और झांग ली ने 13,184 रुपये की आर्थिक सहायता भेजी है। इसी तरह चीन के ही झाओ जियांगमिन ने 79,104 रुपये, सन लक्सुआन ने 39,552 रुपये, काई जुनली ने 10,000 रुपये, शी रुओकियाओ ने 23,072 रुपये, झांग शुआंग ने 11,536, क्यू
यून ने 23,072 रुपये, लिऊ जिंगमेई ने 11,536 रुपये, वांग फुताओ ने 69,216 रुपये, शुआन शुआन ने 10,000 रुपये, झांक शुआंग ने 28,016 और वांग चुन्मेई ने 11,536 की आर्थिक मदद की है। शुआन हानवेई ने 10,300 रुपये, शी जिया यू ने 39,552 रुपये, एन जिंग ने 23,072 रुपये की मदद भेजी है।
वांग पिंग ने 39,552 रुपये, झू शियायुआन ने 13,184 रुपये, फू वेंजुआन ने 36,256 रुपये, झोऊ लिंग ने 23,072 रुपये और शुआन शियाजोन ने 16,480 रुपये भेजे हैं।
चीन से केवल एक ही संस्था को मदद मिली है। बाकी संस्थाओं को चीन से कोई मदद नहीं मिली। इन्हें यूके, डेनमार्क, फ्रांस, अमेरिका, साउथ कोरिया, सिंगापुर, ताईवान, फिनलैंड, इजराइल, आस्ट्रेलिया, कनाडा, अर्जेंटीना
, न्यूजीलैंड, जर्मनी, रूस, हांगकांग, थाईलैंड, आयरलैंड, मास्को, स्पेन, वियतनाम, चेक रिपब्लिक, ऑस्ट्रिया, भूटान, स्वीडन, जापान आदि देशों से करोड़ों रुपये की वित्तीय सहायता मिली है।
पिछले तीन महीनों मेें लाइब्रेरी ऑफ तिब्बतियन वर्क्स एंड आर्काइव्स को 12.99 लाख, तिब्बतियन डेलेक अस्पताल को 10.94 लाख, तिब्बतियन मेडिकल इंस्टीट्यूट को 14.36 लाख, नयिंगमापा बुद्धिस्ट चेरिटेबल संस्थान को 17.34 लाख, पालपंग मुनीशासन धर्मचक्र संघ को 7.61 करोड़, दोनग्यू गात्सल लिंग ट्रस्ट
को 32.83 लाख, नोरबूलिंगका इंस्टीट्यूट ऑफ तिब्बतियन कल्चर 4.99 लाख, इंस्टीट्यूट ऑफ बुद्धिस्ट डायलेक्ट्स 10.87 लाख, तोंग लेन 50.47 लाख, जमयांग चोलिंग इंस्टीट्यूट को 18.34 लाख, संभोटा तिब्बतियन स्कूल्स सोसाइटी को 2.61 करोड़, नयिंगटॉप लिंग सोसाइटी को 10.50 लाख, तिब्बतियन सेंटर
फॉर ह्यूमन राइट्स एंड डेमोक्रेसी को 13.69 लाख, खमगार ड्रक धर्मकारा कॉलेज ऑफ बुद्धिस्ट कल्चरल एंड वेलफेयर चेरिटेबल ट्रस्ट 69.50 लाख और तिब्बतियन चेरिटी को 17.21 लाख रुपये की विदेशी मदद आई। इन सभी संस्थाओं के कार्यालय कांगड़ा जिले में धर्मशाला, मैक्लोडगंज, बैजनाथ में हैं।