हिमाचल में पांच दिन ओलावृष्टि और अंधड़ की चेतावनी जारी की गई है। इससे किसानों-बागवानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य में आठ मई तक मौसम खराब रहेगा। राज्य में पांच दिन ओलावृष्टि और अंधड़ चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग के अनुसार दो से छह मई तक राज्य के मैदानी और मध्यम ऊंचाई वाले भागों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। साथ ही ओलावृष्टि भी होगी। विभाग की ओर से ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला के लिए अलर्ट जारी किया गया है।
चोटियों पर बर्फबारी
वहीं, मई में भी जिला कुल्लू व लाहौल-स्पीति के लोगों को राहत नहीं मिली है। शनिवार दोपहर बाद एक बार फिर मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा। 13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रा सहित कुल्लू व लाहौल की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात हुआ है। मनाली में हल्की बूंदाबांदी हुई है। घाटी के तापमान में गिरावट दर्ज हुई है। रोहतांग के अलावा मकरवे, शिकरवे, मनाली पीक, लददाखी पीक, सेवन सिस्टर पीक, पतालसू पीक, हनुमान टिब्बा और देउ टिब्बा में ताजा हिमपात हुआ।
उधर, शनिवार को प्रदेश में मौसम मिलाजुला बना रहा। शिमला में सुबह के समय धूप खिलने के बाद दोपहर बाद बादल छा गए। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से आ रहे इस बदलाव से प्रदेश के सभी जिलों में आठ मई तक मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। नाहन में न्यूनतम तापमान 19.3, कांगड़ा में 20.4, ऊना में 21.6, शिमला में 14.4 और धर्मशाला में 14.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
शनिवार को प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य रहा। ऊना में अधिकतम तापमान 34.2, बिलासपुर में 31.5, हमीरपुर में 31.2, कांगड़ा में 29.4, सुंदरनगर में 31.0, चंबा में 29.8, नाहन में 28.8, सोलन में 29.0, भुंतर में 28.0, धर्मशाला में 23.6, शिमला में 24.2, केलांग में 16.3 और कल्पा में 22.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
बता दें अप्रैल में प्रदेश के आठ जिलों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू, चंबा, हमीरपुर, बिलासपुर और कांगड़ा में सामान्य से ज्यादा बादल बरसे। हालांकि तीन जिलों ऊना, किन्नौर और लाहौल स्पीति में कम बारिश होने से पूरे प्रदेश की औसत में सामान्य से नौ फीसदी कम बारिश दर्ज हुई। अप्रैल में 60.2 मिलीमीटर को सामान्य बारिश माना गया है। इस साल अप्रैल में 54.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। किन्नौर, लाहौल स्पीति और ऊना जिला में कम बारिश होने से पूरे प्रदेश की औसत सामान्य से कमी हो गई।