घर वापसी के बाद वह बड़ी राहत महसूस कर रहे हैं। इसके लिए वह प्रदेश और केंद्र सरकार के आभारी हैं। वे तमाम युवकों से कहना चाहते हैं कि विदेश जाने के नाम पर ऐसी धोखाधड़ी के झांसे में आने से बचें।
घर वापसी पर हरजिंद्र सिंह, अश्वनी सांख्यान व जोगिंद्र कुमार ने बताया कि अभी भी 14 में से 10 युवक सऊदी अरब में ही फंसे हुए हैं। इनमें से 7 रियाद की जेल में है और 3 युवकों को मालिक जेल से छुड़ा कर अपने साथ जबरन काम कराने को ले गया है।
उन्होंने बताया कि सभी 10 युवक वतन वापसी करना चाहते हैं लेकिन उन्हें आने नहीं दिया जा रहा। पंजाब का केवल एक ही युवक वापस लौट पाया है। अमर उजाला से बातचीत में इन युवकों ने बताया कि सऊदी
अरब में जिस कंपनी मालिक के पास वे लोग काम रहे थे, एजेंटों ने उसे युवकों को रोके रखने को कहा था। एजेंट इस मामले के ठंडा होने तक युवकों को वहीं फंसाए रखना चाहते हैं।
तीनों ने कहा कि सरकार को सऊदी में फंसे शेष 10 युवकों की भी जल्द से जल्द घर वापसी कराने की व्यवस्था करनी चाहिए। सऊदी अरब से लौटे युवकों ने मंगलवार दोपहर को सुंदरनगर पुलिस थाने में अपने बयान दर्ज कराए।
पुलिस धोखाधड़ी मामले की जांच कर रही है। एजेंटों पर आरोप है कि 14 युवकों को वर्क परमिट पर भेजने के बजाए टूरिस्ट वीजा पर सऊदी अरब भेज दिया गया।
पूछताछ के दौरान एजेंटों ने मुंबई के एक एजेंट के माध्यम से इनको सऊदी अरब भेजने की बात मानी है। थाना प्रभारी गुरबचन सिंह ने बताया पुलिस हर पहलु को ध्यान में रखकर इस मामले में जांच कर रही है।