चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट नूरपुर नितिन मित्तल ने जनवरी 2004 को दर्ज धोखाधड़ी के एक मामले में दोषी को 16 लाख रुपये का जुर्माना व तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
यह सजा कुलभूषण पुत्र हीरा सिंह निवासी भरोड़ी तहसील सांबा जिला जम्मू को शिकायतकर्ता रणजीत पठानिया निवासी थपकोर की शिकायत पर धारा 420 व 468 के तहत सुनाई गई है।
वहीं इस केस में दो आरोपी स्वामी सेवा लाल निवासी बंगलूरू व रविंद्र शर्मा निवासी हल्द्वानी उत्तराखंड अभी तक उद्घोषित अपराधी हैं, जिन्हें अभी तक नहीं पकड़ा जा सका है।
सहायक न्यायवादी आशुतोष परमार ने बताया कि आठ जनवरी, 2004 को थपकोर निवासी रंजीत पठानिया ने नूरपुर पुलिस थाना में केस दर्ज करवाया था कि बंगलूरू के एक मेडिकल संस्थान में दाखिला दिलाने के नाम पर 21 लाख की राशि ऐंठ ली थी।
जब शिकायतकर्ता ने संबंधित संस्थान से संपर्क किया तो पता चला कि लड़के के दाखिले के नाम पर उसके साथ धोखाधड़ी हुई है व संस्थान ने किसी प्रकार की एडमिशन नहीं दी है। लगभग 15 साल चले इस केस में बुधवार को अदालत ने यह फैसला सुनाया है।