दस मिनट तक बच्चे की कोई आवाज नहीं सुनाई दी तो वह फरमान को तलाशने बाहर निकले। आसपास पड़ोस में पता किया। इसके बाद पड़ोसियों के साथ उन्होंने समीप ही बने गंदे पानी के गड्ढे (शॉकपिट) में देखा। फरमान गड्ड़े में औंधे मुंह गिरा हुआ मिला। उसे तुरंत पांवटा अस्पताल में पहुंचाया गया। पांवटा अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक कमाल पाशा ने कहा कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही तीन वर्षीय बच्चे ने दम तोड़ दिया था।
सूचना मिलने पर पांवटा पुलिस की टीम मौके पर रवाना हो गई। मौके पर गंदे पानी के लिए खुले में तीन फीट का गड्ढा बनाया गया था, जिसको ऊपर से ढका नहीं गया था। इसमें गिर कर मासूम बच्चे की मौत हो गई। उधर, डीएसपी पांवटा सोमदत्त ने मामले की पुष्टि की है। डीएसपी ने कहा कि मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद फरमान (3) का शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस जांच टीम मौके पर भेज दी गई है।