यूआईएलएस, स्वास्थ्य केंद्र और डिजिटल लाइब्रेरी के पास 24 करोड़ रुपये से किया जाएगा निर्माण
रूसा और पीएम मेरु ग्रांट से एचपीयू में होगा निर्माण हर्षित शर्मा
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला के हजारों छात्रों को जल्द ही नए परिसरों की सुविधा मिलने वाली है। पीएम मेरु योजना के तहत हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में 24 करोड़ रुपये की लागत से तीन नए परिसर तैयार किए जाएंगे।
योजना के तहत पहला नया परिसर यूआईएलएस के पास बनेगा। दूसरा परिसर स्वास्थ्य केंद्र के पास बनना प्रस्तावित है। वहीं तीसरा परिसर विश्वविद्यालय में बनने वाली डिजिटल लाइब्रेरी के पास तैयार किया जाएगा। विवि प्रबंधन के अनुसार परिसर में जल्द अत्यधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी तैयार की जाएगी। इस लाइब्रेरी के पास छात्रों की सुविधा के लिए नया परिसर बनना है। तीनों योजनाओं के लिए के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए बजट की मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इन परिसर के बनने से शिक्षण, शोध और अकादमिक संसाधनों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
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रूसा और पीएम मेरु योजनाओं के तहत ग्रांट उपयोग को लेकर उठे सवालों के बीच हिमाचल प्रदेश विवि ने राज्य सरकार को सौंपी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि विश्वविद्यालय में विकास कार्य धरातल पर उतर चुके हैं। रिपोर्ट के अनुसार रूसा-एक के तहत जारी राशि का उपयोग पूरा कर लिया है, जबकि पीएम मेरु योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से निर्माण, मरम्मत और डिजिटल ढांचे के विस्तार का कार्य आगे बढ़ रहा है। शेष ग्रांट भी तय समय सीमा में प्राप्त कर खर्च की जाएगी और किसी भी योजना में देरी नहीं होने दी जाएगी।
रिपोर्ट के मुताबिक रूसा-2 योजना के तहत विश्वविद्यालय को 20 करोड़ रुपये की ग्रांट स्वीकृत हुई है। इसमें वर्ष 2020 में पहली किस्त के रूप में जारी 10 करोड़ में से 9.30 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं जबकि 70 लाख रुपये के कार्यों के टेंडर हो चुके हैं और उनका निष्पादन प्रगति पर है। दूसरी किस्त के तहत मई 2025 में प्रस्तावित 10 करोड़ रुपये में से फिलहाल एक करोड़ रुपये जारी किए जिसे विश्वविद्यालय ने खर्च कर दिया है। शेष 9 करोड़ रुपये मार्च 2026 तक विश्वविद्यालय को मिलने की संभावना जताई गई है। पीएम मेरु योजना के तहत विश्वविद्यालय को 100 करोड़ रुपये की ग्रांट स्वीकृत की है जिसे वर्ष 2027 तक चरणबद्ध रूप से खर्च किया जाना है। अब तक केंद्र सरकार से 8.5 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं।
छात्रावासों पर खर्च होंगे 28 करोड़
छात्र सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए विश्वविद्यालय में छात्रावासों की मरम्मत और नवीनीकरण पर 28 करोड़ रुपये खर्च होंगे। विवि प्रबंधन के अनुसार यह कार्य 31 जनवरी तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। मरम्मत के बाद छात्रावासों में आवासीय क्षमता, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा, जिससे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।
हाई-टेक उपकरणों पर खर्च होंगे 40 करोड़ विश्वविद्यालय में शिक्षा और शोध को आधुनिक बनाने के लिए 40 करोड़ रुपये डिजिटल और हाई-टेक शैक्षणिक उपकरणों की खरीद पर खर्च किए जाएंगे। इसमें स्मार्ट क्लास रूम, उन्नत आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और शोध से जुड़े आधुनिक उपकरण शामिल हैं।