स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अजय गुप्ता ने बताया कि सभी जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को अलर्ट कर दिया है। मरीजों को सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। बताया कि लक्षणों का पता चलते ही तुरंत अस्पताल में इलाज के लिए आना चाहिए।
लापरवाही बरतने से बीमारी के अन्य व्यक्तियों को फैलने की आशंका अधिक रहती है। सभी अस्पतालों में टेमीफ्लू दवा का पर्याप्त मात्रा में स्टॉक रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। आइसोलेशन वार्ड भी तैयार रखने को कहा गया है।
मरीजों को हलका बुखार, जुकाम, गला खराब, तेज बुखार व सांस चढ़ना जैसी समस्याएं पेश आती हैं। छोटा बच्चा, गर्भवती महिला, वरिष्ठ नागरिक अगर इस बीमारी की चपेट में आते है तो उनके लिए यह स्थिति खतरनाक हो जाती है।
5 साल से कम उम्र के बच्चे
डायबिटीज के मरीज
अस्थमा के मरीज जिनका इलाज चल रहा हो
कफ और कोल्ड व लगातार खांसी आना
नींद न आना, बहुत ज्यादा थकान होना
बुखार, दवा खाने के बाद भी बुखार लगातार बढ़ना
खुद रोक सकते हैं वायरस
जब भी खांसें तो मुंह पर हाथ या रुमाल रखें
फ्लू के सीजन में किसी से हाथ न मिलाएं
पौष्टिक भोजन खाएं, बुखार पर आराम करें
तौलिया व रुमाल अलग कर दें
खाना खाने से पहले या बाहर से आने पर हाथ अच्छी तरह से धोएं
बच्चे को बुखार व कफ हो तो उसे स्कूल न जाने दें