हिमाचल हाईकोर्ट ने शिमला के झंझीड़ी में हुए बस हादसे की जांच और ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुझाव देने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कोर्ट ने कमेटी से दुर्घटना के कारणों का पता लगाने को भी कहा है और इसकी अंतरिम रिपोर्ट कोर्ट ने कमेटी से दो सप्ताह में मांगी है।
मामले में अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी। जांच कमेटी में काउंसिल ऑफ इंडियन रोड कांग्रेस के सदस्य जसवंत सिंह, हिमाचल पथ परिवहन निगम से सेवानिवृत्त मुख्य महाप्रबंधक राजीव गुप्ता और लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत्त प्रमुख अभियंता सतीश सागर शामिल हैं।
मुख्य न्यायाधीश वी रामासुब्रमनियन और न्यायाधीश अनूप चिटकारा की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किए।कोर्ट ने कमेटी से कहा है कि वह सुचारु यातायात व्यवस्था चलाने के लिए उपयुक्त संसाधन और संभावनाओं पर केंद्रित होकर सुझाव तैयार करे।
रिपोर्ट प्रारंभिक रूप से शिमला शहर के यातायात व्यवस्था से संबंधित होगी। गौरतलब है कि एक जुलाई को खलीनी के साथ झंझीड़ी नामक स्थान पर एचआरटीसी की स्कूल बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी।
इसमें दो स्कूली बच्चियों सहित ड्राइवर की मौत हो गई थी। कोर्ट ने यह भी बताने को कहा है कि क्या यह हादसा अवैध पार्किंग के कारण हुआ या रेलिंग और डंगा न होने की वजह से हुआ।
कोर्ट ने कमेटी से यह भी आग्रह किया कि वह कोर्ट को बताए कि सड़कों एवं यातायात व्यवस्था को लेकर क्या संभावित कदम उठाए जा सकते हैं, ताकि भविष्य में ऐसी अनहोनी न हो।