सवर्ण आयोग के गठन को लेकर तपोवन में हुए विवाद, हाथापाई, पथराव और गाड़ी से सरकारी कर्मचारियों को कुचलने के मामले में सवर्ण संगठन के प्रदेशाध्यक्ष मदन ठाकुर, देवभूमि क्षत्रिय संगठन के प्रदेशाध्यक्ष रुमित ठाकुर और दीपक को सोमवार को शिमला से गिरफ्तार किया गया।
हिमाचल प्रदेश के तपोवन में विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान प्रदर्शन में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को कुचलने के तीन आरोपियों को पुलिस ने साढ़े तीन माह बाद गिरफ्तार किया है। तीनों को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। सवर्ण आयोग के गठन को लेकर तपोवन में हुए विवाद, हाथापाई, पथराव और गाड़ी से सरकारी कर्मचारियों को कुचलने के मामले में सवर्ण संगठन के प्रदेशाध्यक्ष मदन ठाकुर, देवभूमि क्षत्रिय संगठन के प्रदेशाध्यक्ष रुमित ठाकुर और दीपक को सोमवार को शिमला से गिरफ्तार किया गया। इन आरोपियों को 26 मार्च को फिर से न्यायालय में पेश किया जाएगा।
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सवर्ण आयोग के गठन को लेकर तपोवन विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान 10 दिसंबर को प्रदेशभर के सवर्ण समुदाय के लोग तपोवन स्थित विधानसभा पहुंचे थे। इस दौरान जोरावर स्टेडियम के पास पुलिस ने नाका लगाया था, लेकिन सवर्ण आयोग के गठन की मांग लेकर आए हजारों लोगों ने पथराव के साथ सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया था। इस दौरान उन्होंने एएसपी कांगड़ा की गाड़ी, फायर ब्रिगेड की गाड़ी, पुलिस बस को काफी नुकसान पहुंचाया था। इस आंदोलन का नेतृत्व रुमित ठाकुर, मदन ठाकुर और दीपक कर रहे थे। इनके खिलाफ सदर थाना धर्मशाला में मामला दर्ज किया गया था। उधर, सदर थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि तीनों आरोपियों को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस रिमांड दिया गया है।