हिमाचल प्रदेश में तीन आईएएस अफसर जल्द ही अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) बन जाएंगे। इसका रास्ता लगभग साफ हो गया है। खास बात यह है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1985 बैच के अफसर और प्रदेश के प्रधान सचिव वित्त डा.श्रीकांत बाल्दी के एसीएस बनने की संभावना प्रबल बन गई है।
पिछले कैबिनेट में ही यह फैसला हुआ था कि हिमाचल प्रदेश में तीन एसीएस और बनाए जाएंगे। कैबिनेट में फैसला के बावजूद मामला लटका हुआ था। इसका मुख्य कारण यह था कि 1984 बैच के आईएएस अफसर पीसी धीमान पर मुकदमा चलाने के लिए विजिलेंस ने मंजूरी मांगी थी। सरकार की ओर से मुकदमा चलाने के लिए मंजूरी भी दे दी है। सूत्रों का कहना है कि ऐसे में अब धीमान का प्रमोशन लटक जाएगा।
जिन तीन अफसरों को एसीएस बनाया जाना है। उसमें 1984 बैच के केवल दो ही अफसर बचे हैं, जिनमें प्रधान सचिव तरुण श्रीधर और नरेंद्र चौहान का नाम शामिल है। इस स्थिति में सरकार तरुण श्रीधर और नरेंद्र चौहान के अलावा 1985 बैच के अफसर डा. श्रीकांत बाल्दी को अतिरिक्त मुख्य सचिव बना सकती हैँ।