नाले में नहा रहे तीन युवकों की ऐसी मौत हुई कि आप भी सिहर जाएंगे। मामला हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले का है। गांव लाहड़ में नाले में नहा रहे तीन युवकों की करंट लगने से मौत हो गई है। विशाल कुमार(17) पुत्र रमेश चंद निवासी लाहड़, दीपक कुमार(18) पुत्र विजय कुमार निवासी लाहड़ और विशाल (20) पुत्र विजय कुमार निवासी जसौर अपने चार अन्य साथियों के साथ रविवार को
दोपहर के समय नहाने के लिए लाहड़ में स्थित नाले में गए हुए थे। साथ लगते गांव के किसानों ने इसी नाले में खेतों की सिंचाई के लिए टुल्लू पंप की मोटरें लगा रखी हैं। इस दौरान पांच दोस्त नहाने के लिए नाले में उतर गए, जबकि दो बाहर ही खड़े रहे।
लोहे की पाइप को पकड़ने से लगा करंट
नाले में टुल्लू पंप से पानी लिफ्ट करने को लोहे की पाइपें डाली गई हैं। गहरे पानी में नहाने के बाद तीनों युवक इसी लोहे की पाइप को पकड़कर बाहर निकलने लगे। पानी में तैरते हुए युवकों ने एक-एक करके जैसे ही इस पाइप को पकड़ा तो वे करंट की चपेट में आ गए।
पानी में नहा रहे दो अन्य साथियों ने उन्हें तड़पते हुए देखा तो वे दोनों घबराकर पानी से बाहर निकल गए। पहले से ही बाहर खड़े उनके साथियों ने शोर मचाया और पास ही स्थित एक घर में जाकर लोगों को सारी बात बताई।
अस्पताल पहुंचाया लेकिन हो चुकी थी मौत
इस दौरान लोगों ने मौके पर पहुंच टुल्लू पंपों के लिए बनाए शैड को खोल बिजली बंद की। तीनों युवकों को क्षेत्रीय अस्पताल लाया गया, लेकिन यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक विशाल कुमार बोहणी स्कूल में जमा एक, दीपक कुमार जमा दो का छात्र था, जबकि विशाल जमा दो की परीक्षा उत्तीर्ण कर चाचा के साथ दुकान में हाथ बंटाता था।
पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच कर केस दर्ज कर लिया है और मौत के कारणों की जांच शुरू कर दी है। मामले की गहन जांच के लिए मंडी से फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। पुलिस ने क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में पोस्टमार्टम करवाकर तीनों युवकों के शव परिजनों को सौंप दिए हैं। जिसके बाद तीनों का रविवार शाम को पैतृक गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। डीएसपी लालमन शर्मा ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
लापरवाही ने बुझा दिए तीन घरों के चिराग
शहर के समीप लाहड़ गांव में तीन घरों के चिराग बुझने के बाद पंप हाउस मालिक और बिजली बोर्ड पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। नाले में नहाते समय करंट लगने से तीन बच्चों की मौके पर मौत हो गई। तीनों पीड़ित परिवारों में एक-एक ही लड़का था। अब माता-पिता के साथ परिवार में लड़कियां बची हैं। जैसे ही घटना की सूचना बच्चों के घर में पहुंची तो लाहड़ गांव चीखो पुकार से गूंज उठा।
रविवार दोपहर बाद करीब साढ़े 12 बजे नाले में नहा रहे तीनों बच्चों की मौत करंट लगने से हुई। ऐसे में बिजली बोर्ड की कार्यप्रणाली भी जांच के दायरे में आ गई है। सवाल उठ रहे हैं कि सरकारी विभागों और बिजली बोर्ड ने बिजली कनेक्शन देने से पहले निरीक्षण क्यों नहीं किया। अगर निरीक्षण किया गया तो इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई।
नौजवानों की मौत पर चीखो-पुकार से गूंज उठा गांव
कई ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब लोग उठा रहे हैं। बिजली बोर्ड के अलावा संबंधित पंचायत ने भी सार्वजनिक प्राकृतिक जल स्रोत से कुछ लोगों को पानी लिफ्ट करने के लिए लोहे की पाइपें कैसे डालने दीं।
बिजली बोर्ड ने बिना निरीक्षण किए कैसे मीटर कनेक्शन दे दिया। यह बात भी सामने आ रही है कि अगर पंप हाउस मालिक ने सावधानी बरती होती तो तीन घरों के चिराग बुझने से बच सकते थे।
घटना की मुझे जानकारी नहीं है। अगर करंट लगने से युवकों की मौत हुई है तो मामले की जांच की जाएगी। विभागीय अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जाएगी। हो सकता है कि लोहे की पाइपलाइन के साथ कोई लीकेज हो जिससे हादसा पेश आया हो। - अशोक शर्मा, एक्सईएन, बिजली बोर्ड, हमीरपुर