इसी तरह से दो बार शिमला से कांग्रेस विधायक रह चुके हरभजन सिंह भज्जी भी इस बार चुनाव हार गए। वे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव हैं।
धर्मवीर धामी मनाली से चुनाव लड़ते आए हैं। वे निर्दलीय चुनाव लड़ते रहे हैं और एक बार तो उन्होंने बसपा से भी चुनाव लड़ा। धामी हर बार अच्छे भी वोट लेते रहे हैं।
हालांकि, इस बार उन्होंने चुनाव न लड़कर कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन दिया। इसके बावजूद कांग्रेस की जीत नहीं हुई।
अजय बहादुर सिंह कांग्रेस के कार्यकाल में हिमफेड के अध्यक्ष रह चुके हैं। वह एक बार नाहन से विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। उन्होंने भी आगे से चुनाव नहीं लड़ने की बात की है।