अमीन ने कहा, मलयेशिया लौटते ही वह सबसे पहले हिमाचल की ई-विधानसभा के मॉडल को अपनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मामले को उठाएंगे। वहीं इससे पूर्व हिमाचल विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि सदन की कार्यवाही पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल है।
इस प्रणाली को अपनाने से कागज के उपयोग की गुंजाइश नहीं रहती और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल असर नहीं पड़ता। इसके अलावा कार्य में दक्षता और पारदर्शिता आती है। इस अवसर पर विधानसभा सचिव सुंदर सिंह वर्मा और निदेशक सूचना प्रौद्योगिकी हिमाचल प्रदेश विधानसभा धर्मेश शर्मा भी मौजूद थे।