हिमाचल प्रदेश सरकार छठे वेतन आयोग को प्रदेश में लागू करेगी। इसका प्रदेश के पौने तीन लाख कर्मियों को बढ़े वेतन का लाभ मिलेगा। हालांकि प्रदेश सरकार इस पर फैसला तभी लेगी, जब पंजाब सरकार छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट को लागू करेगी। पंजाब कैबिनेट ने शुक्रवार को इस पर फैसला ले लिया है। अब पंजाब सरकार जुलाई में इसे लागू कर देगी।
शुक्रवार को पंजाब में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक पर भी हिमाचल सरकार के अफसरों की नजरें गड़ी रहीं।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस वित्तीय वर्ष के अपने बजट भाषण में पंजाब सरकार की सिफारिशें लागू करने का आश्वासन दिया है। सामने विधानसभा चुनाव देखते हुए तो इस बारे में और भी बाध्यता होगी। इसलिए इसकी तैयारी शुरू कर दी है। वित्त विभाग इस बारे में खूब माथापच्ची कर रहा है कि प्रदेश पर कितना अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और इसके लिए संसाधन कहां से जुटाए जाएं। राज्य सरकार वेतन देने के मामले में पंजाब के वेतन आयोग का ही अनुसरण करती है, क्योंकि हिमाचल का अपना वेतन आयोग नहीं है।
अभी पंजाब के वेतन आयोग की रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है। रिपोर्ट पढ़ने के बाद ही इस बारे में स्थिति स्पष्ट की जा सकेगी। चूंकि सीएम जयराम ठाकुर बजट घोषणा में भी इसे पंजाब के बाद लागू करने की बात कह चुके हैं। ऐसे में लागू तो करना ही है। इसे कैसे लागू करें, यह रिपोर्ट पढ़कर ही स्पष्ट होगा।
- प्रबोध सक्सेना, अतिरिक्त मुख्य सचिव, वित्त
महासंघ ने ये कहा
पंजाब में छठे वेतन आयोग के संशोधित वेतनमान देने की अधिसूचना को लेकर हिमाचल अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि सरकार प्रदेश के कर्मचारियों को 15 दिन के भीतर संशोधित वेतनमान जारी करे। प्रदेश के कर्मचारियों को अंतरिम राहत के तौर पर 70 फीसदी लाभ मिल रहा है और शेष तीन फीसदी राशि देने में विलंब न किया जाए।
महासंघ अध्यक्ष विनोद ने कहा है कि पंजाब के कर्मचारियों को आगामी एक जुलाई से संशोधित वेतनमान दिया जाएगा। प्रदेश के कर्मचारियों को भी वित्तीय लाभ देने की प्रक्रिया आरंभ कर दी जाए। देश के अन्य सभी राज्यों को संशोधित वेतनमान काफी पहले दे दिया है। प्रदेश के पौने दो लाख कर्मचारियों के 21 फीसदी आईआर दिया जा रहा है। इसमें से नौ फीसदी वर्तमान सरकार ने दिया है जबकि अन्य पूर्व कांग्रेस सरकार ने जारी किया था।