अंतिम नवरात्र के दिन अगले रविवार को तारादेवी मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 20 हजार तक पहुंच सकता है।
अंतिम नवरात्र के दिन व्यवस्थाएं चाक चौबंद रखना प्रशासन के लिए चुनौती साबित हो सकता है हालांकि जिला प्रशासन ने दावा किया है कि अंतिम नवरात्र के दिन भी श्रद्धालुओं को कोई समस्या पेश नहीं आने दी जाएगी।
वाटर एटीएम की नहीं मिली सुविधा
जिला प्रशासन ने नवरात्रों के दौरान तारादेवी मंदिर में श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए वाटर एटीएम स्थापित करने का दावा किया था लेकिन पहले नवरात्र पर लोगों को वाटर एटीएम की सुविधा नहीं मिल सकी।
जिला प्रशासन का तर्क है कि लोगों की भारी भीड़ की जरूरत को वाटर एटीएम पूरा नहीं कर सकता था इसलिए चार वाटर प्यूरीफायर मंदिर में स्थापित किए गए थे।
खो गया बच्चा, माइक पर अनाउंसमेंट कर बुलाए परिजन
पहले नवरात्र के मौके पर तारादेवी मंदिर में भारी भीड़ के चलते दोपहर बाद करीब तीन बजे एक छोटा बच्चा अपने परिजनों से अलग हो गया।
कतारों में लग कर बच्चे के परिजन दर्शन के लिए मंदिर के अंदर चले गए और बच्चा बाहर रह गया। इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत बच्चे को संभाला और माइक पर अनाउंसमेंट कर परिजनों को बुलाया। परिजनों के आने के बाद बच्चे को उनके हवाले किया गया।
नवरात्र के पहले दिन तारादेवी मंदिर में जब प्रसाद ग्रहण करने के लिए भंडारा हाल के बाहर भीड़ बढ़ी तो हाल के बाहर भी पंक्ति में श्रद्धालुओं को बैठा कर भंडारा बांटा गया।
एसडीएम शिमला ग्रामीण अनिल शर्मा ने बताया कि हाल के भीतर एक बार में करीब दो सौ लोगों को भंडारा बांटा गया। तारादेवी मंदिर जाने से पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर संकटमोचन मंदिर भी गए। यहां पूजा अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने परिवार के साथ सेल्फी भी ली।
मां को अर्पित किया सवा तीन किलो चांदी का छत्र
हिमाचल की पांच प्रसिद्ध शक्तिपीठों में चैत्र नवरात्र के पहले दिन करीब सवा लाख श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। मंदिरों में सुबह पांच बजे से ही कतारें लगनी शुरू हो गई थी। नयनादेवी मंदिर के कपाट सुबह चार बजे ही खुल गए थे।
रात तक मंदिरों में मां के जयकारे लगते रहे। शाम तक करीब 50 हजार श्रद्धालु मां के दर माथा टेक चुके थे। उधर, ज्वालाजी में रविवार को 20 हजार, बज्रेश्वरी मंदिर में दस हजार और मां चामुंडा के दरबार में पांच हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया।
छिन्नमस्तिका धाम चिंतपूर्णी में 35 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शनों के लिए हाजिरी भरी। बाबा बालक नाथ की तपोस्थली शाहतलाई में चैत्र मास मेलों में पिछले चार दिन में करीब 40 हजार से ज्यादा श्रद्धालु माथा टेककर मुरादें मांगीं।
61 विद्वान सवा दो लाख मंत्रों का उच्चारण करेंगे
मां चामुंडा मंदिर में नवरात्र के दौरान 61 विद्वान दो लाख 25 हजार मंत्रों का गायत्री महायज्ञ, शतचंडी महायज्ञ, रामायण पाठ, रुद्राभिषेक एवं देवी भागवत पाठ करेंगे।
मां को अर्पित किया सवा तीन किलो चांदी का छत्र
चिंतपूर्णी में पहले नवरात्र के दिन सुबह पंजाब के मानसा शहर के एक श्रद्धालु राकेश कुमार ने सवा तीन किलो चांदी का छत्र मां के चरणों में भेंट किया।
पंडित पंकज कालिया ने पूजा-अर्चना करवाने के बाद छत्र मां की पावन पिंडी पर सुशोभित किया। मंदिर अधिकारी प्रेम लाल ने बताया की श्रद्धालु की ओर से चढ़ाए छत्र की कीमत सवा लाख रुपये से अधिक है।