हिमाचल प्रदेश कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (एचपीसीईटी) में अब सामान्य श्रेणी वाले 40 और आरक्षित वर्ग वाले 25 अंक लेने पर इंजीनियरिंग कर सकेंगे। प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर की बोर्ड ऑफ गवर्निगिं (बीओजी) की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। पहले बीटेक में प्रवेश के लिए एचपीसीईटी में पात्रता सामान्य श्रेणी के लिए 60 और आरक्षित श्रेणी के लिए 45 अंक रखी गई थी।
प्रदेश में तकनीकी विवि के अधीन 45 से अधिक कॉलेज हैं। यहां बीटेक, एमटेक, एमबीए, एमसीए, बी-फार्मेसी और एम-फार्मेसी समेत अन्य विषयों की पढ़ाई होती है। कुलपति प्रो. एसपी बंसल ने कहा कि गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। प्रत्येक संस्थान को कम से कम पांच एमओयू साइन करने होंगे। निर्णय लिया गया कि सभी संबद्ध कॉलेज चाहे वह सरकारी हो या गैर सरकारी, सभी को भूमिका रूप व्यवस्था, संकाय कैडर अनुपात, छात्र कैडर अनुपात और अन्य सुविधाएं पूरी करनी होंगी।
उसके बाद ही अगले वर्ष उन्हें मान्यता मिलेगी। सभी संस्थानों को इस वर्ष एआईसीटीई, पीसीआई, तथा यूजीसी की मान्यता प्राप्त करनी होगी। शीघ्र यूजीसी आटोनोमी एनआईआरएफ रैंकिंग, एनबीए एक्रीडेशन और नेक एक्रीडेशन के लिए आवेदन करना भी जरूरी कर दिया है। सभी सदस्यों ने प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बनाए रखने पर जोर दिया था। भारत सरकार के तत्वाधान में हिमाचल सरकार की ओर से महत्वपूर्ण कार्यक्रम बी-वॉक शुरू करने के लिए मान्यता देने की भी सिफारिश की गई।