अब 35 फीसदी अंकों के साथ 12वीं करने वाले विद्यार्थी भी आर्किटेक्ट बन सकेंगे। काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर ने पांच वर्षीय आर्किटेक्चर डिग्री कोर्स में दाखिले की पात्रता शर्तों में बड़ी छूट दी है। इससे पहले आर्किटेक्चर डिग्री कोर्स के लिए 12वीं कक्षा में 50 फीसदी अंकों की शर्त थी। इससे देशभर के 465 स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर में शिक्षा हासिल करने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।
हालांकि, केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने यह राहत केवल शैक्षणिक सत्र 2020-21 में कोरोना महामारी के चलते ही दी है। फिजिक्स, केमिस्ट्री और गणित (पीसीएम) के साथ 12वीं कक्षा की परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थी आर्किटेक्चर में प्रवेश के लिए पात्र होंगे। स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर में दाखिले के लिए राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा (नेशनल एप्टीट्यूड टेस्ट फॉर आर्किटेक्चर) या जेईई की परीक्षा उत्तीर्ण करनी पड़ती है। जेईई की मेन परीक्षा पूर्व में एक बार हो चुकी है। दूसरी परीक्षा सितंबर में प्रस्तावित है।
नेशनल एप्टीट्यूड टेस्ट फॉर आर्किटेक्चर की परीक्षा के लिए आवेदन की तारीख भी मंत्रालय ने बढ़ा दी है। पहले काउंसिल ने परीक्षा के लिए 4 मई तक आवेदन मांगे थे। 31 मई, 2020 को प्रवेश परीक्षा होनी थी, लेकिन कोरोना के कारण यह परीक्षा नहीं हो पाई। अब 16 अगस्त तक आवेदन मांगे हैं। 29 अगस्त को ऑनलाइन माध्यम से प्रवेश परीक्षा होगी। हिमाचल में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग (एनआईटी) हमीरपुर और स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर नगरोटा बगवां में ही आर्किटेक्चर की पढ़ाई होती है।
स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर नगरोटा बगवां के एचओडी डॉ. सतीश कटवाल ने कहा कि काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर ने प्रवेश परीक्षा के लिए 50 फीसदी की शर्त हटाकर इस बार फिजिक्स, कैमिस्ट्री और मैथ के साथ बारहवीं कक्षा पास मार्क्स के साथ उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को बड़ी राहत प्रदान की है। उन्होंने बताया कि प्रवेश परीक्षा के लिए अब विद्यार्थी 16 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं। 29 अगस्त को प्रवेश परीक्षा होगी। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश तकनीकी विवि ने भी काउंसिलिंग की तिथि बढ़ाकर 31 जुलाई से 15 सितंबर 2020 कर दी है।