सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी, अंग्रेजी मीडियम नहीं होना, खस्ता स्कूल भवनों के चलते अभिभावक यहां बच्चों को पढ़ाने से कतरा रहे हैं। हालांकि अब जयराम सरकार स्कूलों में इनरोलमेंट बढ़ाने के प्रयास कर रही है। शैक्षणिक सत्र 2019 में इसका असर देखने को मिल सकता है।
पिछले और इस साल की छात्र संख्या
कक्षा 2017 2018 अंतर
पहली से पांचवीं 302813 295428 7385
छठी से दसवीं 386117 371040 15077
जमा एक, जमा दो 165949 158145 7804
कुल 854879 824613 30266
हिमाचल में 7 हजार से ज्यादा स्कूल मात्र दो-दो शिक्षकों के सहारे हैं। 6701 प्राइमरी, 352 मिडल और आठ सेकेंडरी स्कूलों में मात्र दो-दो शिक्षक हैं। सिंगल टीचर वाले 1320 प्राइमरी, 154 मिडल और तीन सेकेंडरी स्कूल हैं।
5029 प्राइमरी और 983 माध्यमिक स्कूल ऐसे हैं जहां 20 से भी कम विद्यार्थी हैं। साठ बच्चों की संख्या वाले 4737 प्राइमरी और 941 मिडल स्कूल हैं। सूबे में 2500 से अधिक सरकारी स्कूल दो कमरों वाले भवन में चल रहे हैं।
यू डाइस डाटा के मुताबिक 2404 प्राइमरी स्कूल, 223 मिडल, 22 सेकेंडरी और दो हायर सेकेंडरी स्कूल दो कमरों में चल रहे हैं। 321 प्राइमरी, 273 मिडल, चार सेकेंडरी और दो हायर सेकेंडरी स्कूल एक कमरे में भी चल रहे हैं। 6282 प्राइमरी, 2494 मिडल, 895 सेकेंडरी और 565 हायर सेकेंडरी स्कूलों के भवनों की हालत खस्ता है।