कैफे मोनाल कुल्लू को 26 लाख से ज्यादा घाटा हो चुका है। होटल सिल्वरमून 35 लाख घाटे में है। होटल सर्वरी कुल्लू का घाटा इस साल 27 लाख से बढ़ गया है।
टूरिस्ट हट जंजैहली 4 लाख, कैफे बिलासपुर 19 लाख, होटल हिलटॉप स्वारघाट 16 लाख, लेक व्यू डेढ़ लाख, टूरिस्ट इन रिवालसर 23 लाख, कैफे शिवालिक परवाणू 14 लाख, होटल शिवालिक परवाणू 48 लाख, कैफे नाहन 10 लाख, होटल रेणुका डेढ़ लाख, होटल यमुना पांवटा साहिब 32 लाख, टूरिस्ट
इन राजगढ़ साढ़े पांच लाख, ट्रांसपोर्ट विंग एक करोड़ 60 लाख, गिरि गंगा खड़ापत्थर 11 लाख, होटल चांशल 8 लाख, बुशहर रिजेंसी 12 लाख, कैफे सतलुज रामपुर 20 लाख, भराड़ीघाट साढ़े सात लाख, आईजीएमसी कैंटीन शिमला 11 लाख, कैफे
ललित कुफरी 18 लाख तथा होटल कमलेश्वर चिंडी 15 लाख के घाटे में हैं। उधर, एचपीटीडीसी की जीएम सरला चोपड़ा ने बताया कि घाटे पर चल रहे पर्यटन विकास निगम के होटल और अन्य इकाइयों को लीज पर देने का विचार चल रहा है। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद इन्हें लीज पर दिया जाएगा।