उसने सरकार को शिकायत लिखी कि या तो उसकी तकलीफ का समाधान किया जाए या फिर उसे इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए। उसकी शिकायत पर सरकार ने लोक निर्माण, राजस्व और शहरी विकास विभागों को पत्र लिखे और उचित कार्रवाई कर इसकी रिपोर्ट मांगी।
जब तीन महीने बाद भी रिपोर्ट नहीं मिली तो प्रधान सचिव जन शिकायत निवारण ने हाल ही में तीनों ही महकमों के सचिवों को कड़े पत्र लिखे कि तीन महीने से ज्यादा समय बीत गया है। इस मामले में कार्रवाई की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है।
इस पर मौजूदा स्थिति से अवगत करवाया जाए। इस पर प्रधान सचिव राजस्व ने जिला प्रशासन शिमला को पत्र भेजकर तुरंत कार्रवाई कर सीधे तौर पर प्रधान सचिव जन शिकायत निवारण को अवगत करवाने को कहा है।