फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shimla News: सीटी स्कैन की अर्थिंग वायर ले गए चोर, डेट में उलझा मरीजों का दर्द

विज्ञापन
विज्ञापन
तारीखों में दबा मरीजों का दर्द,
विज्ञापन

सीटी स्कैन के लिए चमियाना अस्पताल भेजे जा रहे मरीज, आईजीएमसी में अर्थिंग वायर चोरी होने से सीटी स्कैन सुविधा बंद
मरीजों को दोबारा लेनी पड़ रही तारीख, उपचार में भी हो रही देरी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में सीटी स्कैन की अर्थिंग वायर चोरी होने के बाद सेवाएं ठप पड़ी हैं। इसके चलते आईजीएमसी से मरीजों को सीटी स्कैन करवाने के लिए सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना भेजा जा रहा है।
चमियाना पहुंचने पर मरीजों को स्कैन के लिए दोबारा तारीख लेनी पड़ रही है। इससे मरीजों की परेशानी बढ़ गई है और उपचार में भी देरी हो रही है। आईजीएमसी में जिस मरीज को सीटी स्कैन के लिए 10 सितंबर की तारीख मिली थी, उसे अब चमियाना में नए सिरे से करीब 10 दिन बाद की तारीख दी जा रही है। इसके अलावा डीडीयू जोनल अस्पताल में भी सीटी स्कैन के लिए मरीजों को लंबी तारीखें दी जा रही हैं।सबसे अधिक परेशानी उन मरीजों को हो रही है, जिन्हें आईजीएमसी में कई दिन पहले सीटी स्कैन की तारीख मिली थी। अब सुविधा बंद होने के कारण उन्हें दोबारा तारीख लेने के लिए अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। मरीजों का कहना है कि पहले ही उपचार के लिए इंतजार करना पड़ रहा था, अब सीटी स्कैन की तारीख बदलने से परेशानी और बढ़ गई है।
विज्ञापन


गौरतलब है कि आईजीएमसी में सीटी स्कैन की अर्थिंग वायर चोरी हो गई थी। इसे अभी तक दोबारा नहीं जोड़ा गया है, जिसके चलते सीटी स्कैन की सुविधा बंद है। बताया जा रहा है कि अर्थिंग वायर अस्पताल परिसर के अंदर से चोरी हुई है। आईजीएमसी में विभिन्न विभागों के चिकित्सक मरीजों की जांच और उपचार के लिए सीटी स्कैन करवाने की सलाह देते हैं। इसके लिए मरीजों को पहले से तारीख लेनी पड़ती है।



निजी लैब में जांच करवाने को मजबूर मरीज
आईजीएमसी में सीटी स्कैन की सुविधा बंद होने और लंबी तारीख मिलने के कारण मरीज निजी लैब में जांच करवाने को मजबूर हैं। चमियाना में भी सीटी स्कैन के लिए करीब एक सप्ताह की वेटिंग चल रही है। ऐसे में कई मरीज निजी लैब में सीटी स्कैन करवाकर आगे का उपचार शुरू करवा रहे हैं। इससे मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है।


अस्पताल की सुरक्षा पर सवाल
आईजीएमसी में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले भी अस्पताल में कई बार चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अस्पताल प्रबंधन कई बार दावा कर चुका है कि बिना अटेंडेंट कार्ड के तीमारदारों को वार्ड में प्रवेश नहीं दिया जाता। इसके अलावा अस्पताल में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के साथ सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। इसके बावजूद अस्पताल परिसर से अर्थिंग वायर चोरी होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विज्ञापन



न्यू ओपीडी में रात को रहता है अंधेरा
आईजीएमसी की न्यू ओपीडी में रात के समय कई जगह अंधेरा रहता है। इससे मरीजों और तीमारदारों को आने-जाने में परेशानी होती है। न्यू ओपीडी में ट्रॉमा सेंटर भी है। कई फ्लोर पर लाइटें बंद रहने के कारण यहां चोरी की आशंका रहती है। अस्पताल में रात के समय पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से मरीजों और तीमारदारों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें