जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बड़ा फैसला सुनाया
इंडियन ऑयल, सिविल सप्लाई और लोम्बार्ड इंश्योरेंस को 9% ब्याज देने के भी आदेश
सिलिंडर फटने से झुलसी थी महिला, घर में लगी थी आग
आयोग के निर्देश, सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन और गैस एजेंसियों ग्राहकों को बीमा कवरेज की जानकारी दें
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शिमला ने ठियोग के गैस सिलिंडर हादसे की शिकायत पर बड़ा फैसला सुनाया है। आयोग ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, हिमाचल प्रदेश सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन (गैस एजेंसी ठियोग) और आईसीआईसीआई लोम्बार्ड इंश्योरेंस कंपनी को संयुक्त रूप से 2 लाख रुपये 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित, शिकायतकर्ताओं को चुकाने के आदेश दिए हैं। अवार्ड राशि तीनों शिकायतकर्ताओं को समान रूप से वितरित की जाएगी। इस मामले में शिवी देवी, उनकी बहू नीलम और पुत्र प्रदीप कुमार की ओर से याचिका दायर की गई थी।
यह मामला फरवरी 2018 का है। ठियोग के मंजोहली (गडेरी) गांव में गैस सिलिंडर रिसाव और उससे लगी आग से घर को भारी नुकसान हुआ। हादसे में नीलम झुलस गईं। इससे मकान के दो कमरे, रसोई, स्नानघर और शौचालय जलकर राख हो गए। आयोग के अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह ने आदेश में कहा कि शिकायतकर्ताओं की दलीलें आंशिक रूप से सही पाई गईं।
आयोग ने भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए निर्देश जारी किए हैं। गैस एजेंसियों को अपने पंजीकृत ग्राहकों को बीमा कवरेज की पूरी जानकारी देना अनिवार्य होगा और बीमा कंपनियां उपभोक्ताओं को उनके बीमा कवरेज का विवरण लिखित रूप में उपलब्ध कराएंगी। आदेश की प्रति प्राप्त होने की तिथि से 45 दिनों के भीतर सभी पक्षों को इसका पालन सुनिश्चित करना होगा।
8 दिसंबर 2017 को शिकायतकर्ताओं ने घरेलू सिलिंडर बुक किया था। 6 फरवरी 2018 को सिलिंडर के उपयोग के दौरान जोरदार रिसाव हुआ और आग लग गई। ग्रामीणों की मदद से आग बुझाई गई, लेकिन नीलम झुलस गईं। शिकायतकर्ताओं ने अप्रैल 2018 में दोषपूर्ण सिलिंडर की वापसी के लिए लिखित अनुरोध किया, जिसके बाद कॉर्पोरेशन ने सिलिंडर वापस लिया।